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Dehradun News: बारिश में टेस्टिंग ट्रैक पर भर जाता है पानी, आवेदकों के बैठने की सुविधा भी नहीं
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Iढालीपुर में आठ साल बाद भी एआरटीओ कार्यालय को नहीं मिला भवनI
Iअस्थायी तौर पर वर्षाें पुराने सिंचाई विभाग के भवन में हो रहा संचालितI
ढालीपुर में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) कार्यालय को खुले आठ साल से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक इसे अपना भवन नसीब नहीं हुआ है। अस्थायी तौर पर कार्यालय सिंचाई विभाग के वर्षों पुराने भवन से संंचालित हो रहा है। बरसात में भवन की छत टपकने लगती है। अभिलेखों के भीगकर खराब होने का भी खतरा बना रहता है। लाइसेंस टेस्टिंग ट्रैक पर पानी भर जाता है। इस कारण लोगों को भारी असुविधा होती है। वर्ष 2014 में क्षेत्रीय लोगों की मांग पर ढालीपुर में एआरटीओ कार्यालय खोला गया। तब से यह सिंचाई विभाग के पुराने भवन में चल रहा है। कार्यालय में लाइसेंस, रजिस्ट्रेशन, चालान, फिटनेस, टैक्स समेत विभिन्न कार्यों को लेकर रोजाना 150-200 लोग पहुंचते हैं। कार्मिकों के विभिन्न पटल के लिए समुचित मात्रा में कक्ष नहीं हैं। अभिलेखों को सुरक्षित रखने के लिए स्टोर नहीं है। आवेदकों के बैठने और अपनी बारी का इंतजार करने के लिए कोई कक्ष नहीं है। लोग खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करते हैं।
Iसीज वाहनों के लिए यार्ड नहींI
एआरटीओ कार्यालय में चेकिंग के दौरान सीज किए गए वाहनों के लिए यार्ड भी नहीं है। खुले मैदान में सीज वाहनों को रखा जाता है। बारिश में वाहन भीगते रहते हैं।
Iकार्यालय के अधीन प्रेमनगर से त्यूणी तक का क्षेत्रI
एआरटीओ कार्यालय के अधीन प्रेमनगर से लेकर त्यूणी तहसील तक का क्षेत्र आता है। प्रवर्तन दल से जुड़ी सभी गतिविधियां यहां से संचालित होती हैं।
Iपूर्व तक भवन सिंचाई विभाग का था। इसे वर्ष 2021 में यूजेवीएनएल को ट्रांसफर कर दिया गया है। संपत्ति को परिवहन विभाग को हस्तांतरित करने के लिए प्रस्ताव बना कर उच्चाधिकारियों को भेजा गया है। -मनीष तिवारी, एआरटीओ प्रशासनI
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Iअस्थायी तौर पर वर्षाें पुराने सिंचाई विभाग के भवन में हो रहा संचालितI
ढालीपुर में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) कार्यालय को खुले आठ साल से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक इसे अपना भवन नसीब नहीं हुआ है। अस्थायी तौर पर कार्यालय सिंचाई विभाग के वर्षों पुराने भवन से संंचालित हो रहा है। बरसात में भवन की छत टपकने लगती है। अभिलेखों के भीगकर खराब होने का भी खतरा बना रहता है। लाइसेंस टेस्टिंग ट्रैक पर पानी भर जाता है। इस कारण लोगों को भारी असुविधा होती है। वर्ष 2014 में क्षेत्रीय लोगों की मांग पर ढालीपुर में एआरटीओ कार्यालय खोला गया। तब से यह सिंचाई विभाग के पुराने भवन में चल रहा है। कार्यालय में लाइसेंस, रजिस्ट्रेशन, चालान, फिटनेस, टैक्स समेत विभिन्न कार्यों को लेकर रोजाना 150-200 लोग पहुंचते हैं। कार्मिकों के विभिन्न पटल के लिए समुचित मात्रा में कक्ष नहीं हैं। अभिलेखों को सुरक्षित रखने के लिए स्टोर नहीं है। आवेदकों के बैठने और अपनी बारी का इंतजार करने के लिए कोई कक्ष नहीं है। लोग खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करते हैं।
Iसीज वाहनों के लिए यार्ड नहींI
एआरटीओ कार्यालय में चेकिंग के दौरान सीज किए गए वाहनों के लिए यार्ड भी नहीं है। खुले मैदान में सीज वाहनों को रखा जाता है। बारिश में वाहन भीगते रहते हैं।
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Iकार्यालय के अधीन प्रेमनगर से त्यूणी तक का क्षेत्रI
एआरटीओ कार्यालय के अधीन प्रेमनगर से लेकर त्यूणी तहसील तक का क्षेत्र आता है। प्रवर्तन दल से जुड़ी सभी गतिविधियां यहां से संचालित होती हैं।
Iपूर्व तक भवन सिंचाई विभाग का था। इसे वर्ष 2021 में यूजेवीएनएल को ट्रांसफर कर दिया गया है। संपत्ति को परिवहन विभाग को हस्तांतरित करने के लिए प्रस्ताव बना कर उच्चाधिकारियों को भेजा गया है। -मनीष तिवारी, एआरटीओ प्रशासनI
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