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देश की रक्षा में कुमाऊं राइफल्स ने हर कदम पर हासिल किया नया कीर्तिमान: बिपिन रावत

Mon, 23 Oct 2017 11:17 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़ Updated Mon, 23 Oct 2017 11:17 PM IST
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 army chief release Postage stamp in100th Raising Day of  Kumaon Rifles

तीन कुमाऊं राइफल्स के 100 वें स्थापना दिवस के अवसर पर पहुंचे थल सेनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावत (उत्तम युद्ध सेवा मेडल, अति विशिष्ट सेवा मेडल, विशिष्ट सेवा मेडल, युद्ध सेवा मेडल और सेना मेडल) ने तीन कुमाऊं राइफल्स पर जारी डाक टिकट का विमोचन किया।

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उन्होंने कहा कि तीन कुमाऊं राइफल्स का गौरवशाली इतिहास रहा है। बटालियन ने कई कीर्तिमान स्थापित कर कुमाऊं रेजीमेंट के साथ ही भारतीय सेना का मान बढ़ाया है। बटालियन पर डाक टिकट जारी होना तीन कुमाऊं राइफल्स के लिए गौरव की बात है।
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जनरल रावत ने सोमवार को तीन कुमाऊं राइफल्स के मैदान में शताब्दी वर्ष समारोह में मौजूद बटालियन के अधिकारियों, जवानों और भूतपूर्व सैनिकों को संबोधित करते हुए शताब्दी वर्ष की परेड में शामिल होने को अपना सौभाग्य बताया।
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उन्होंने कहा कि 23 अक्तूबर 1917 को गठित कुमाऊं की इस पहली बटालियन के नाम 800 पाकिस्तानी सैनिकों को बंदी बनाने का रिकॉर्ड है। वर्ष 1920-21, वर्ष 1930-32 में यूरोप में हुई लड़ाइयों में तीन कुमाऊं रेजीमेंट के बहादुर जवानों ने अदम्य वीरता का परिचय दिया।

 army chief release Postage stamp in100th Raising Day of  Kumaon Rifles

वर्ष 1947-48 के भारत-पाक युद्ध में नौसेरा, राजोरी क्षेत्र में बटालियन ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। वर्ष 1965 की भारत-पाकिस्तान लड़ाई में भी बटालियन के साहस को शाबाशी मिली। इस युद्ध में मेजर डीएन सिंह को सेना मेडल से नवाजा गया था।

जनरल रावत ने कहा कि तीन कुमाऊं राइफल्स का 100 साल का इतिहास उपलब्धियों से भरा रहा है। बटालियन के नाम 58 आतंकवादियों को मार गिराने का रिकॉर्ड है। इस वीरता के लिए बटालियन ने एक कीर्ति और दो शौर्य चक्र हासिल किए। वर्ष 2012 के यूएन मिशन में बेहतरीन कार्य के लिए कोस्ट कमांडर का खिताब बटालियन ने हासिल किया।
 
इससे पूर्व थल सेनाध्यक्ष ने परेड की सलामी लेने के साथ ही खुले वाहन से परेड का निरीक्षण किया। इससे पहले उत्तरी कमान के कमांडर लेफ्टीनेंट जनरल हरीश ठुकराल (सेना मेडल), मध्य कमान के कमांडर लेफ्टीनेंट जनरल बीएस शेहरावत (सेना मेडल), तीन कुमाऊं राइफल्स के कमांडिंग अधिकारी कर्नल धीरज कुमार सिंह ने परेड की सलामी ली। परेड में 5 आफीसर, 14 जेसीओ और 164 जवान शामिल थे। परेड का नेतृत्व मेजर राहुल राना (सेना मेडल) ने किया। संचालन अवकाश प्राप्त कैप्टन दीवान सिंह वल्दिया ने किया।

सेनाध्यक्ष की पत्नी ने वीरांगनाओं को सम्मानित किया

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कमांडेंट सिंह समेत छह को सेनाध्यक्ष प्रशंसा पत्र मिला
थल सेनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावत ने बेहतरीन कार्य के लिए तीन कुमाऊं राइफल्स के कमांडेंट कर्नल धीरज कुमार सिंह, सूबेदार मेजर प्रकाश चंद्र पंत, कैप्टन मुकेश यादव, नायब सूबेदार जय प्रकाश, नायक मनोहर सिंह और सिपाही संजय चंद को सेनाध्यक्ष प्रशंसा पत्र से सम्मानित किया।

थल सेनाध्यक्ष की पत्नी मधुलिका रावत ने शताब्दी वर्ष समारोह में तीन कुमाऊं राइफल्स के शहीद सिपाही रतन सिंह की वीरांगना कलावती देवी, शहीद प्रह्लाद सिंह की वीरांगना कलावती देवी, शहीद नायक हयात सिंह की वीरांगना खीमा देवी, शहीद हवलदार अमर सिंह की वीरांगना गोदावरी देवी, शहीद नायब सूबेदार नरेंद्र सिंह की वीरांगना नंदी देवी, शहीद नायक गोपाल सिंह (वीरचक्र) की वीरांगना पुष्पा देवी, शहीद हवलदार जीवन सिंह (सेना मेडल) की वीरांगना रमा भंडारी, शहीद सिपाही कुंडल सिंह की मां खीमा देवी, शहीद सिपाही सोहन सिंह की मां भवानी देवी, शहीद सिपाही खड़क सिंह कार्की की मां धनुली देवी, शहीद सिपाही भरत सिंह की वीरांगना कमला जोशी, शहीद नायक ऊर्बा दत्त (शौर्य चक्र) की वीरांगना मंजू देवी, शहीद सिपाही कमलेश सिंह परिहार की वीरांगना मंजू परिहार और सिपाही हरीश चंद्र कापड़ी (सेना मेडल) की वीरांगना कंचन कापड़ी को सम्मानित किया।

दो घंटे अधिकारी, जवानों के बीच रहे जनरल रावत

 army chief release Postage stamp in100th Raising Day of  Kumaon Rifles

सोमवार सुबह 9:45 बजे कार्यक्रम स्थल तीन कुमाऊं राइफल्स के मैदान में पहुंचे थल सेनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावत दो घंटे पांच मिनट अधिकारी, जवानों और सेवानिवृत्त सैनिकों के बीच रहे। उन्होंने जवानों और सेवानिवृत्त अधिकारी और उनके परिजनों का हाल जाना। जलपान किया।

कार्यक्रम में राष्ट्रपति के रक्षा सचिव मेजर जनरल अनिल खोसला (अति विशिष्ट सेवा मेडल, विशिष्ट सेवा मेडल एवं सेना मेडल), 1965 के भारत-पाक युद्ध में वीरता का परिचय देने वाले सेना मेडल मेजर डीएन सिंह, पंचशूल ब्रिगेड के कमांडर ब्रिगेडियर रंजन मलिक, बटालियन के सेवानिवृत्त मेजर जनरल आरके कौशल, निदेशक डाक सेवाएं उत्तराखंड भूपाल राम और तमाम सैन्य अधिकारी मौजूद थे। 11:50 बजे जनरल रावत के हेलीकाप्टर ने दिल्ली के लिए उड़ान भरी।

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