प्रशासनिक व्यवस्था और आर्मी में हो मजबूत समन्वय, तभी होगा देश का विकास: आर्मी चीफ
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लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी (एलबीएसएनएए) में ट्रेनी आईएएस अधिकारियों को संबोधित करते हुए थलसेना अध्यक्ष जनरल बिपिन रावत ने प्रशासनिक व्यवस्था और आर्मी के मजबूत समन्वय पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था और आर्मी में मजबूत समन्वय होने से देश उन्नति के पथ पर अग्रसर होगा। आर्मी चीफ ने ट्रेनी आईएएस अधिकारियों को देश की प्रगति के लिए काम करने को प्रेरित किया और उनके सवालों के जवाब भी दिए।
शुक्रवार को आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत मसूरी स्थित लाल बहादुर राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी पहुंचे। यहां उन्होंने फेज-1 के 180 और फेज-3 के 84 ट्रेनी आईएएस अधिकारियों को संबोधित किया।
रावत ने कहा कि सरकारी व्यवस्था, सेना और पुलिस प्रशासन में समन्वय मजबूत बना रहना चाहिए, ताकि देश विकास के रास्ते में कदम आगे बढ़ाता रहे। इससे पूर्व सेंट जॉर्ज कॉलेज के हेलीपैड पर पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि आईएएस, फॉरेन सर्विस और पुलिस अधिकारियों से वार्तालाप कर वह बेहद खुश हैं। आर्मी चीफ ने कहा कि भारतीय सेना हर प्रकार की स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।
उत्तराखंड में और सैनिक स्कूल खोलने के प्रयास किए जा रहे हैं। रावत सुबह 9.45 बजे वायुसेना के हेलीकॉप्टर से मसूरी पहुंचे। हेलीपैड पर सेंट जार्ज कॉलेज के प्रधानाचार्य ब्रदर टॉमी वर्गीस, ब्रदर कैरल, मसूरी की एसडीएम मीनाक्षी पटवाल, आईएएस अकादमी के डिप्टी डायरेक्टर नवनीत पांडे ने उनकी अगवानी की। आर्मी चीफ के मसूरी दौरे के मद्देनजर पुलिस और सेना ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। वापस लौटते समय आर्मी चीफ ने सेंट जॉर्ज कॉलेज के छात्र-छात्राओं को भी संबोधित किया। उन्होंने छात्रों को अच्छा इंसान बनने के साथ ही देश सेवा के लिए प्रेरित किया। दोपहर दो बजे वह दिल्ली लौट गए।