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Chamoli: भराड़ीसैंण विधानसभा परिसर में विकसित होगा सेब बागान, पर्यटकों के लिए बनाए जाएंगे व्यू प्वाइंट

Mon, 30 Sep 2024 03:04 PM IST
रेनू सकलानी प्रमोद सेमवाल, गोपेश्वर ( चमोली)
प्रमोद सेमवाल, गोपेश्वर ( चमोली) Published by: रेनू सकलानी Updated Mon, 30 Sep 2024 03:04 PM IST
सार

उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में सेब बागान विकसित होगा। इसके साथ ही बांज, बुरांस का भी पौधरोपण शुरू होगा। यहां सुविधायुक्त ग्लास हाउस बनाए जा रहे हैं।

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Apple orchard will be developed in Uttarakhand summer capital Bhararisain Vidhansabha campus
गैरसैंण के भराड़ीसैंण में विधानसभा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दूधातोली शिखर पर स्थित उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी भराड़ीसैंण (गैरसैंण) आने वाले दिनों में बदली-बदली नजर आएगी। विधानसभा परिसर में सेब के बागान विकसित किए जा रहे हैं और परिसर को संरक्षित प्रजाति के बांज और बुरांस के पौधों से आच्छादित किया जा रहा है। पर्यटकों के लिए जगह-जगह व्यू प्वाइंट बनाए जा रहे हैं, जिससे वे दूर-दूर तक फैली हिमाच्छादित चोटियों और प्राकृतिक सौंदर्य का लुत्फ उठा सकेंगे।

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देहरादून से करीब 250 किलोमीटर की दूरी पर भराड़ीसैंण विधानसभा स्थित है, जो गैरसैंण से करीब 14 किमी की दूरी पर है। राज्य आंदोलनकारियों की भावना के अनुरुप 4 मार्च 2020 को इस विधानसभा को पूरी तरह से पहाड़ी लुक दिया जा रहा है। 47 एकड़ क्षेत्र में फैले भराड़ीसैंण विधानसभा परिसर को विकसित किया जा रहा है।

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ग्लास हाउस बनाए जा रहे
यहां पौधरोपण, व्यू प्वाइंट में ग्लास हाउस, 11 फीट की चहारदीवारी और फुलवारी विकसित की जा रही है। पहले चरण में विधानसभा परिसर के चारों ओर सेब, काफल, बांज, बुरांस, सुराईं आदि के 4000 से अधिक पौधे रोपे गए हैं। जो आगामी तीन साल में विकसित हो जाएंगे।

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विधानसभा के इंचार्ज शेखर पंत ने बताया कि भराड़ीसैंण विधानसभा परिसर चारों ओर से पर्वत श्रृंखलाओं के बीच में स्थित है। परिसर में सेब की पैदावार बढ़ाई जा रही है। साथ ही संरक्षित प्रजाति के बांज, बुरांस और सुराईं के पौधे रोपे जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि भराड़ीसैंण में देश-विदेश के पर्यटन सैर-सपाटे पर पहुंचते हैं। अप्रैल, मई और जून तथा विंटर सीजन अक्तूबर से मार्च माह तक यहां 250 से 300 तक पर्यटक घूमने के लिए आते हैं। विधानसभा परिसर में पर्यटकों की सुविधा के लिए ग्लास हाउस बनाए जा रहे हैं।

डिजिटल विधानसभा बनेगी भराड़ीसैंण

गोपेश्वर। भराड़ीसैंण विधानसभा को पूरी तरह से डिजिटल विधानसभा बनाया जा रहा है। विधानसभा में कार्य भी पेपरलेस होगा। राज्य विधानसभा की आईटी और वित्त विभाग की टीम भराड़ीसैंण का निरीक्षण कर चुकी है। विधानसभा में मुख्यमंत्री, मंत्री, विधायक व उच्च अधिकारियों के आवासों को इंटरनेट से जोड़ा जाएगा। 

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महिलाओं के लिए बनाया जाएगा टिन शेड

गोपेश्वर। विधानसभा सत्र के दौरान गढ़वाली व्यंजन व खाना बनाने की जिम्मेदारी स्थानीय स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को दी जाती है। जिससे महिलाएं खुले आसमान के नीचे माननीयों को खाना परोसती हैं। कई बार मौसम खराब होने या बारिश होने पर उनकी खाद्य सामग्री बरबाद हो जाती है। विधानसभा की ओर से महिलाओं के लिए परिसर में ही आधुनिक टिनशेड का निर्माण किया जा रहा है, जिससे वे विपरीत मौसम में भी आसानी से खाना पका सकेगी।

 

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