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अनुपमा गुलाटी हत्याकांडः जेल में हत्यारे पति की नई पहचान '2307'

Mon, 04 Sep 2017 01:56 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून Updated Mon, 04 Sep 2017 01:56 PM IST
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anupama gulati murder case, murderer husband found prisoner number
निशानदेही पर शव के टुकडे़ बरामद कर लिए थे

देहरादून के बहुचर्चित अनुपमा हत्याकांड में आजीवन कारावास की सजा पाने वाले पति राजेश गुलाटी को कैदी नंबर 2307 दिया गया है। अंडर ट्रायल रजिस्टर से उसका नाम काटकर सजायाफ्ता कैदियों के कालम में दर्ज कर लिया गया है।

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कैंट कोतवाली क्षेत्र के प्रकाशनगर में अनुपमा गुलाटी हत्याकांड 11 दिसंबर 2010 को सामने आया था, जबकि हत्या अक्तूबर में की गई थी। आरोपी इंजीनियर पति राजेश गुलाटी दो माह तक शव के टुकड़ों को डीप फ्रीजर में रखे हुए था, जबकि कुछ जंगल में फेंक दिए थे।
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पुलिस ने राजेश गुलाटी को गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर शव के टुकडे़ बरामद कर लिए थे।

कपड़ों से हटाया कैदी नंबर

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आजीवन कारावास की सजा

सात साल बाद 31 अगस्त को राजेश को दोषी ठहराया गया था, जबकि एक सितंबर को उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। जेल प्रशासन ने तमाम औपचारिकताएं पूरी कर राजेश गुलाटी को कैदी नंबर जारी कर दिया है। सजायाफ्ता कैदियों के रजिस्टर में उसे कैदी नंबर 2307 दिया गया है।

अब जेल प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराए जाने वाले कपड़ों में कैदी नंबर अंकित नहीं किया जा रहा है।

जेल अधिकारियों का कहना है कि अब इस नंबर से कैदी की पहचान नहीं होती है, अलबत्ता रजिस्टर में उसका नंबर जरूर अंकित रहता है। 

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