फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Anupama Gulati murder case: High court granted 45 days bail to guilty husband

अनुपमा गुलाटी हत्याकांड: आजीवन कारावास की सजा काट रहे दोषी पति को हाईकोर्ट ने दी 45 दिन की जमानत

Tue, 26 Jul 2022 01:18 PM IST
अलका त्यागी संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल Published by: अलका त्यागी Updated Tue, 26 Jul 2022 01:18 PM IST
सार

अभियुक्त राजेश गुलाटी ने हाईकोर्ट में शार्ट टर्म बेल के लिए याचिका दायर की थी। इसमें उसने स्वास्थ्य ठीक नहीं होने का हवाला देते हुए सर्जरी का जिक्र किया था।

विज्ञापन
Anupama Gulati murder case: High court granted 45 days bail to guilty husband
नैनीताल हाईकोर्ट - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

नैनीताल हाईकोर्ट ने देहरादून के चर्चित अनुपमा गुलाटी हत्याकांड के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे राजेश गुलाटी की जमानत की अर्जी पर सुनवाई करते हुए उसे 45 दिन की जमानत दे दी है। अभियुक्त की ओर से स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए जमानत की गुजारिश कोर्ट से की गई थी। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 15 सितंबर की तिथि नियत की है।

विज्ञापन


वरिष्ठ न्यायमूर्ति संजय कुमार मिश्रा एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। अभियुक्त राजेश गुलाटी ने हाईकोर्ट में शार्ट टर्म बेल के लिए याचिका दायर की थी। इसमें उसने स्वास्थ्य ठीक नहीं होने का हवाला देते हुए सर्जरी का जिक्र किया था।
विज्ञापन


प्रार्थना पत्र में ये भी जिक्र किया गया था कि दोषी को जेल से अच्छे आचरण का सर्टिफिकेट भी मिला है। बता दें कि राजेश गुलाटी ने अपनी पत्नी अनुपमा गुलाटी की 17 अक्तूबर 2010 को निर्मम तरीके से हत्या कर शव को छुपाने के लिए 72 टुकड़े कर डीप फ्रिज में डाल दिए थे। रोजाना एक-एक टुकड़े को मसूरी की पहाड़ियों में फेंक आता था।
विज्ञापन
विज्ञापन


12 दिसंबर 2010 को अनुपमा का भाई दिल्ली से देहरादून आया तो हत्या का खुलासा हुआ। देहरादून कोर्ट ने 2017 में राजेश को अजीवन कारावास की सजा और 15 लाख रुपये का अर्थदंड की सजा सुनाई थी।


70 हजार राजकीय कोष में जमा करने और शेष राशि उसके बच्चों के बालिग होने तक बैंक में जमा कराने के आदेश दिए थे। कोर्ट ने इस घटना को जघन्य अपराध की श्रेणी में माना था। राजेश गुलाटी पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर था और 1999 में लव मैरिज की थी। अभियुक्त राजेश गुलाटी ने निचली अदालत के इस आदेश को 2017 में हाइकोर्ट में चुनौती दी थी। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed