उत्तराखंड में खात्मे के कगार पर एंटी रैबीज वैक्सीन
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उत्तराखंड में एंटी रैबीज वैक्सीन का संकट गहराता जा रहा है। प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल दून में केवल 80 वैक्सीन शेष रह गईं। वहीं कई अस्पतालों में वैक्सीन काफी दिन पूर्व ही खत्म हो चुकी है। दूसरी ओर डिमांड के अनुसार दवा की सप्लाई ना करने पर स्वास्थ्य महानिदेशालय ने कंपनी को ब्लैक लिस्ट कर दिया है।
पिछले काफी दिनों से प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में एंटी रेबीज वैक्सीन का टोटा बना हुआ है। अस्पतालों ने काफी समय पहले ही अपनी डिमांड स्वास्थ्य महानिदेशालय को भेज दी। महानिदेशालय के स्तर से संबंधित कंपनी कैडिला फार्मास्यूटिकल को दो हजार वाइल (दवा की पूरी खुराक) की डिमांड भेजी।
करीब डेढ़ माह बाद कंपनी ने महज 200 वाइल ही भेजी। इसके बाद महानिदेशालय ने दोबारा कंपनी को डिमांड भेजी तो वहां से कोई जवाब नहीं मिला। अब ज्यादातर अस्पतालों में वैक्सीन लगभग खत्म हो गई है। दून अस्पताल में रोजाना सौ से 150 वैक्सीन इस्तेमाल होते हैं जबकि स्टॉक में केवल 80 वैक्सीन शेष हैं।
कई दूसरी कंपनियों को भी चेतावनी
स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. आरपी भट्ट ने बताया कि टेंडर की शर्तों के अनुसार दवा उपलब्ध नहीं करवाने पर कार्रवाई की गई है। अन्य कई कंपनियों को भी चेतावनी दी गई है। टेंडर में दूसरे नंबर पर सबसे कम रेट उपलब्ध कराने वाली कंपनी को डिमांड भेजी जाएगी।
जेनेरिक दवा नहीं देती कंपनियां
प्रदेश में कई दवा कंपनियों की मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट है। यह कंपनियां प्रदेश में जेनेरिक दवाएं तो बनाती है लेकिन बेचती दूसरे राज्यों को हैं। यह कंपनियां प्रदेश में जेनेरिक दवाओं के टेंडर में हिस्सा भी नहीं लेती। इससे प्रदेश के लोगों को कम कीमत पर दवा का लाभ नहीं मिल पाता है। इसको लेकर भी स्वास्थ्य महानिदेशालय सख्ती दिखा रहा है।