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आखिर क्यों उत्तराखंड आ रहे हैं अन्ना हजारे, राजनीतिक गलियारों में मची हलचल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Updated Wed, 31 Jan 2018 03:28 PM IST
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Anna Hazare
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प्रसिद्ध समाजसेवी अन्ना हजारे उत्तराखंड आने वाले है, लेकिन इस खबर के बाद से राजीनितक गलियारों में हलचल शुरू हो गई है।
समाजसेवी अन्ना हजारे एक बार फिर उत्तराखंड के दौरे पर आएंगे। 13 फरवरी की शाम वह एयरपोर्ट पहुंचेंगे। अगले दिन 14 फरवरी को 8 बजे श्रीनगर के लिए रवाना होंगे और 12 बजे गढ़वाल में जनसभा को संबोधित करेंगे और फिर यहां से शाम को टिहरी के लिए रवाना होंगे।
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समाजसेवी अन्ना हजारे एक बार फिर उत्तराखंड के दौरे पर आएंगे। 13 फरवरी की शाम वह एयरपोर्ट पहुंचेंगे। अगले दिन 14 फरवरी को 8 बजे श्रीनगर के लिए रवाना होंगे और 12 बजे गढ़वाल में जनसभा को संबोधित करेंगे और फिर यहां से शाम को टिहरी के लिए रवाना होंगे।
जानिए क्या है अन्ना के संगठन बनाने का उद्देश्य
anna hazare
- फोटो : G. pal
15 फरवरी को टिहरी में उनकी जनसभा होगी, जिसके बाद देर शाम वह वापस मुंबई के लिए लौट जाएंगे। भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन न्यास के प्रदेश संयोजक गोपाल सिंह चौधरी ने बताया कि अन्ना हजारे पहली बार एक संगठन बनाने जा रहे हैं, जिसके लिए वह स्थानीय लोगों से भी राय मशविरा करेंगे।
अन्ना हजारे का उत्तराखंड आने का मुख्य उद्देश्य यहां एक संगठन का निर्माण करना है। वह एक ऐसा संगठन बनाना चाहते है, जो भष्ट्राचार के खिलाफ लड़ाई लड़े। वह संगठन गैरराजनैतिक होगा। अन्ना का कहना है कि मैं रहू या ना रहूं वह संगठन मशाल के रूप में हमेशा रहेगा। भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ेगा।
उसके अलावा उन्होंने बताया कि अन्ना का कहना है कि ने चुनाव में सिबंल की जगह प्रतिनिधि की फोटो लगनी चाहिए। प्रतिनिधि बिना किसी सिंबल का सहारा लिए अपनी पहचान के आधार पर जगह बनाए। प्रतिनिधि की शक्ल, ईमानदारी और काम देखा जाए।
अन्ना हजारे का उत्तराखंड आने का मुख्य उद्देश्य यहां एक संगठन का निर्माण करना है। वह एक ऐसा संगठन बनाना चाहते है, जो भष्ट्राचार के खिलाफ लड़ाई लड़े। वह संगठन गैरराजनैतिक होगा। अन्ना का कहना है कि मैं रहू या ना रहूं वह संगठन मशाल के रूप में हमेशा रहेगा। भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ेगा।
उसके अलावा उन्होंने बताया कि अन्ना का कहना है कि ने चुनाव में सिबंल की जगह प्रतिनिधि की फोटो लगनी चाहिए। प्रतिनिधि बिना किसी सिंबल का सहारा लिए अपनी पहचान के आधार पर जगह बनाए। प्रतिनिधि की शक्ल, ईमानदारी और काम देखा जाए।