मोदी सरकार पर बरसे अन्ना हजारे, स्मार्ट सिटी की जगह स्मार्ट विलेज बनाने की वकालत में उतरे
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गांधीवादी नेता अन्ना हजारे ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार किसानों को आय दोगुनी का झुनझुना थमा रही है। किसानों को उनकी उपज का भी सही मूल्य नहीं मिल रहा है। हालातों से त्रस्त किसान आत्महत्या करने को मजबूर हो रहे हैं।
वे किसानों की समस्याओं को लेकर अब निर्णायक लड़ाई लड़ेंगे।अन्ना हजारे बृहस्पतिवार को यहां किसानों की सभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने प्रथम विक्टोरिया क्रास विजेता वीर गबर सिंह नेगी को श्रद्धा सुमन अर्पित किए।
केंद्र सरकार पर प्रहार करते हुए अन्ना हजारे ने कहा कि मोदी सरकार आमजन को भूलकर उद्योगपतियों की खिदमत में लगी हुई है। उन्होंने किसानों को पांच हजार मासिक पेंशन देने और उनकी उपज का लागत से अधिक मूल्य दिए जाने की मांग की।
एलान किया कि वह 23 मार्च से दिल्ली में देश के किसानों को कर्ज मुक्त करने और लोकपाल बिल पारित करने के लिए आरपार की लड़ाई लड़ेंगे। आंदोलन को सफल बनाने के लिए वे देश के 20 राज्यों में लोगों से मिल चुके हैं।
स्मार्ट सिटी की जगह स्मार्ट विलेज बनाए जाने की पुरजोर वकालत करते हुए अन्ना ने कहा कि स्मार्ट सिटी बनाए जाने से पर्यावरण को नुकसान हो रहा है। महात्मा गांधी की ग्राम स्वराज योजना की दिशा में काम करने से गांव-गांव में खुशहाली और तरक्की के रास्ते खुल सकते हैं।
सभा में भोपाल सिंह चौधरी, सुशील बहुगुणा, विजय जड़धारी, प्रमुख आनंदी नेगी, व्यापार सभा अध्यक्ष दर्मियान सिंह सजवाण, संजय बहुगुणा, प्रदीप कोठारी, शक्ति प्रसाद जोशी, शिवाजी खेड़कर, साहब सिंह सजवाण आदि उपस्थित थे।