टिकट बंटते ही फूटा भाजपा का असंतोष, प्रदेश अध्यक्ष की सीट पर भी बगावत
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भाजपा में सोमवार को हुए टिकटों के वितरण से उपजे असंतोष का बुलबुला 24 घंटे के अंदर फूट पड़ा। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट के अपने विधानसभा क्षेत्र रानीखेत में ही एक नेता ने अपने समर्थकों के साथ पार्टी छोड़कर निर्दलीय चुनाव लड़ने का एलान किया।
बागेश्वर में भाजपा महिला जिला कार्यकारिणी ने इस्तीफा दे दिया तो नैनीताल में टिकट के दावेदार हेम आर्य ने भी निर्दलीय चुनाव लड़ने का एलान किया।
नैनीताल में भाजपा से टिकट की दावेदारी कर रहे हेम आर्या ने नैनीताल सीट से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी। हेम ने आधा दर्जन भाजपाई दावेदारों और अपने समर्थकों के साथ सुबह से शाम तक चार दौर की बैठकें की। उनका कहना है कि भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ विधानसभा क्षेत्र की जनता का भी उन्हें अच्छा समर्थन मिल रहा है।
प्रदेश अध्यक्ष की विधानसभा में भी सुलगी चिंगारी
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट की विधानसभा रानीखेत में भी मंगलवार को बगावत उभर आई। पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रमोद नैनवाल ने अपने समर्थकों के साथ पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से त्यागपत्र देकर निर्दलीय चुनाव लड़ने का एलान किया।
संघ से जुड़ाव रखने वाले नैनवाल पूर्व में भाजयुमो के प्रदेश उपाध्यक्ष सहित कई पदों पर रह चुके हैं। उनके साथ उनकी पत्नी भिकियासैंण की ब्लॉक प्रमुख हिमानी नैनवाल, ज्येष्ठ प्रमुख बीडी छिंबाल, कनिष्ठ प्रमुख दीवान सिंह नेगी, भाजपा मंडल महामंत्री नवीन जोशी, मंडल उपाध्यक्ष हरीश बौड़ाई सहित करीब सौ लोगों ने भी पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दिया है।
भाजपा को बड़ा झटका बागेश्वर में लगा। मंगलवार को भाजपा जिलाध्यक्ष उमा बिष्ट के नेतृत्व में पूर्व दर्जा राज्यमंत्री भूपेश उपाध्याय के आवास पर पूरी कार्यकारिणी के पदाधिकारियों ने इस्तीफा लिखकर राष्ट्रीय अध्यक्ष को भेज दिया।
डीडीहाट में भी भाजपा के लिए बड़ी परेशानी
उमा बिष्ट ने पत्र में साफ-साफ लिखा है कि बागेश्वर से चंदन राम दास और कपकोट से बलवंत भौंर्याल जीतने की स्थिति में नहीं हैं। भाजपा जिलाध्यक्ष के साथ इस्तीफा देने वालों में प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य भूपेश उपाध्याय, जिला उपाध्यक्ष सुरेंद्र धपोला, भाजयुमो जिला उपाध्यक्ष मनीष पांडे सहित कई और शामिल हैं। भूपेश उपाध्याय ने इस्तीफा देने के बाद कपकोट से निर्दलीय चुनाव लड़ने का एलान किया है।
भाजपा के लिए सबसे बड़ी परेशानी डीडीहाट में नजर आ रही है। भाजपा के कद्दावर नेता पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष किशन भंडारी ने टिकट न मिलने पर निर्दलीय लड़ने का एलान किया। भंडारी ने कहा कि वे 23 जनवरी को नामांकन पत्र दाखिल करेंगे।
गंगोलीहाट में फकीर राम ने कहा कि वह निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे। एक अन्य दावेदार खजान गुड्डू ने कहा है कि वह 18 जनवरी को अपने समर्थकों के साथ बैठक कर आगे की रणनीति तय करेंगे।
वीरेंद्र पाल को प्रत्याशी घोषित होने के बाद धारचूला में भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने भाजपा के प्रदेश और केंद्रीय संगठन के खिलाफ प्रदर्शन किया। मुनस्यारी में भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट, केंद्रीय कपड़ा राज्यमंत्री अजय टम्टा का पुतला बनाकर विरोध जताया।
धारचूला में जगत मर्तोलिया, खुशाल सिंह पिपलिया, बीडी जोशी, भाजपा जिलाध्यक्ष धन सिंह धामी समेत तमाम दावेदार थे। जगत मर्तोलिया का कहना है कि भाजपा के चार ब्लॉक अध्यक्ष उनके साथ हैं। घोषित प्रत्याशी वीरेंद्र पाल की खिलाफत की जाएगी। बंगापानी में युवा मोर्चा के ब्लाक महामंत्री पुष्कर सिंह नेगी ने पाल और क्वीटी में युवा मोर्चा के ब्लाक अध्यक्ष राजू मेहरा ने पाल को टिकट देने का विरोध जताया।
अल्मोड़ा से भाजपा के टिकट के दावेदार रहे पूर्व विधायक कैलाश शर्मा पार्टी प्रत्याशी नहीं बनाए जाने पर बेहद नाराज दिखाई दिए। उन्होंने कहा है कि पार्टी ने तीन बार चुनाव हारने वाले व्यक्ति को टिकट देकर अन्य दावेदारों के साथ नाइंसाफी की है।