देहरादूनः आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने की निदेशालय पर तालाबंदी, बर्खास्तगी और नोटिस से रोष
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बर्खास्तगी का नोटिस दिए जाने से आक्रोशित आंदोलनरत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने बृहस्पतिवार को बाल विकास एवं महिला सशक्तिकरण निदेशालय पर तालाबंदी की। कार्यकर्ताओं के तेवर देखते हुए मौके पर पुलिस बुलानी पड़ी। निदेशक झरना कमठान ने उनकी बात को शासन स्तर पर रखने का आश्वासन दिया। उसके बाद कार्यकर्ता लौट गईं।
55 दिन से हड़ताल पर बैठीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को राज्य सरकार ने नोटिस भेजने और बर्खास्तगी की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इससे गुस्साए कार्यकर्ता बृहस्पतिवार को बड़ी संख्या में बृहस्पतिवार को सुद्धोवाला स्थित निदेशालय पहुंची। वहां उन्होंने प्रदर्शन करते हुए तालाबंदी की।
मामला बढ़ता देखकर वहां पुलिस भी पहुंच गई। बाल विकास की निदेशक झरना कामठान ने कार्यकर्ताओं को समझाने का प्रयास किया। साथ ही उनकी बात को शासन के सामने रखने का आश्वासन दिया। इस पर कुछ देर बाद कार्यकर्ता धरनास्थल लौट गई।
दो को अस्पताल पहुंचाया, दो अनशन पर
कार्यकर्ताओं का धरना बृहस्पतिवार को 55वें दिन भी जारी रहा। जबकि क्रमिक अनशन का 21वां दिन था। तीन दिन से अनशन कर रही मधुर वादिनी तिवारी और बसंता रावत का बृहस्पतिवार को डॉक्टरों ने जांच के बाद स्वास्थ्य गंभीर बताया।
इस पर शाम को पुलिस की मौजूदगी में प्रशासन ने दोनों को जबरन अस्पताल पहुंचाया। उसके बाद उर्मिला तोमर और सकिरन खातून ने अनशन शुरू किया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सेविका, मिनी कर्मचारी संगठन की प्रांतीय अध्यक्ष रेखा नेगी ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सरकार की तानाशाही के आगे झुकने वाली नहीं है।