...और पांच महीने बाद फिर जिंदा हो गए मानसिंह
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आखिरकार बुजुर्ग मानसिंह पांच महीने बाद फिर से जी उठे। प्रशासन ने मान सिंह के जीवित होने का प्रमाण पत्र दे ही दिया। इस तरह से अब बुजुर्ग मानसिंह को वृद्धावस्था पेंशन मिलने का रास्ता भी साफ हो गया है।
उल्लेखनीय है कि ओल्ड राजपुर निवासी 62 वर्षीय मानसिंह को समाज कल्याण विभाग से वृद्धावस्था पेंशन मिलती है। गत 29 मार्च के बाद उन्हें पेंशन नहीं मिली। विभाग में पता करने पर वे सन्न रह गए। दरअसल, विभाग ने पेंशन संबंधी दस्तावेजों में उनको मृत दर्शाया दिया था। तब से वह विभागों के चक्कर काट रहे थे। यहां तक कि इसकी शिकायत उपजिलाधिकारी से भी की।
खबर छपने पर हरकत में आया प्रशासन
अमर उजाला ने उनकी इस पीड़ा को शुक्रवार के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया। खबर का संज्ञान लेकर हरकत में आए एसडीएम ने मामले की जांच तहसीलदार को सौंपी। तहसीलदार एमएस कंडारी ने हल्का लेखपाल से पूरे प्रकरण की पत्रावलियां तलब की। मंगलवार को मानसिंह तहसील पहुंचे।
तहसीलदार की अनुपस्थिति में उन्होंने पटवारी हरि अवतार सिंह से मुलाकात की। पटवारी ने मानसिंह के दस्तावेजों के भौतिक सत्यापन के बाद उन्हें पेंशन के लिए जीवित प्रमाण पत्र जारी कर दिया।