बॉर्डर पर दुश्मनों के छक्के छुड़ा देगा इंटर पास युवा का हैरतअंगेज सिस्टम, इस तरह से करेगा काम
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
महेश्वरा गांव के इंटरमीडिएट पास छात्र ने एक बार्डर की सिक्योरिटी के लिए एक ऐसा सिस्टम तैयार किया है जो बड़े-बड़े इंजीनियरों को मात देगा। खानपुर विकासखंड के छोटे से गांव महेश्वरा के रहने वाले युवा गुरविंदर पुत्र गुरूमुख सिंह इंटरमीडिएट पास है।
पिता की माली हालत के चलते वह आगे की पढ़ाई नहीं कर पाए लेकिन फिर भी वह नये नये प्रयोग करते रहते है। पिछले वर्ष गुरविंदर ने बाइक चोरी रोकने के लिय एक डिवाईस का निर्माण किया था। जो क्षेत्र मे काफी सफल रहा।
अब गुरविंदर ने देश की सीमाओं की रखवाली के लिय बॉर्डर सिक्योरिटी सिस्टम तैयार कर लिया है। गुरविंदर ने बताया कि उन्होंने स्वचलित बॉर्डर सिक्योरिटी सिस्टम तैयार किया है। इस सिस्टम मे एक गन होती है। गन के साथ लेजर सेंसर कंनेक्ट होता है।
इसके कंट्रोल के लिय एक यूनिट और बैटरी होती है। जो पूरे सिस्टम को कंरट देने का काम करती है। उन्होंने बताया कि बॉर्डर सिक्योरिटी सिस्टम को बॉर्डर पर इस तरह तैनात किया जाएगा ताकि लेजर किरणे बॉर्डर पर लगे तारों के साथ साथ लंबाई में गुजरे।
एयर गन पर किया प्रयोग
जैसे ही कोई व्यक्ति बॉर्डर पार करने के लिए तारों के पार होना चाहेगा लेजर सेंसर के प्रभाव मे आते लेंजर सेसर कंट्रोल यूनिट को कमांड देगा। कंट्रोल यूनिट गन को कमांड देगी और गन सक्रिय होकर फोकस पर फायर शूट कर देगी।
इसकी मारक क्षमता उस हथियार पर निर्धारित होगी। जिसके साथ उसे लगाया जाएगा। इस सिस्टम को एयर गन से लेकर एलएमजी, राइफल ही नहीं तोप के साथ भी प्रयोग किया जा सकेगा।
गुरविंदर ने बताया कि उसे गन के साथ बॉर्डर सिक्योरिटी सिस्टम का प्रयोग करने की अनुमति प्रशासन ने नहीं दी थी। इसलिए उसने इसका प्रयोग एयर गन पर किया है। गुरविंदर ने बताया कि वह अपने प्रयोग के पेंटट के लिय जिलाधिकारी को मिलकर पत्र सौंपेगे।