छात्रवृति घोटाला: कॉलेज का चेयरमैन हिरासत में, चार साल बाद एसआईटी कार्यालय आकर किया सरेंडर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तराखंड में छात्रवृति घोटाले में एसआईटी ने एक कॉलेज के चेयरमैन को हिरासत में लिया है। वह करोड़ों की रकम डकारने के बाद कॉलेज बेचकर नोएडा शिफ्ट हो गया था और वहां की एक यूनिवर्सिटी में बतौर प्रोफेसर कार्यरत था। एसआईटी इससे पहले उस यूनिवर्सिटी में छापा मारने भी पहुंची थी।
जानकारी के मुताबिक जिले के एक कॉलेज को वर्ष 2013-14 एवं 2014-15 में जारी हुई एक करोड़, 37 लाख की छात्रवृति को लेकर जांच की तो गड़बड़ सामने आई थी। एसआईटी ने जांच आगे बढ़ाई तो पता चला कि कॉलेज का चेयरमैन चार साल पहले ही कॉलेज बेच चुका है।
जारी किया था गैरजमानती वारंट
एसआई भानुप्रताप की अगुवाई में एसआईटी की टीम ने कोर्ट से गैरजमानती वारंट जारी होने पर नोएडा में उस यूनिवर्सिटी में भी छापा मारा, जहां आरोपी कार्यरत है, लेकिन वह हत्थे नहीं चढ़ा।
एसआईटी के घेराबंदी करने के बाद आरोपी चेयरमैन बृहस्पतिवार को खुद एसआईटी कार्यालय रोशनाबाद पहुंचकर सरेंडर हो गया। एसआईटी अध्यक्ष मंजूनाथ टीसी ने बताया कि आरोपी चेयरमैन को सिडकुल पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है।