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देरी से पहुंची 108, महिला ने तोड़ दिया दम

Sat, 10 Oct 2015 04:43 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, साहिया (देहरादून)
ब्यूरो/अमर उजाला, साहिया (देहरादून) Updated Sat, 10 Oct 2015 04:43 PM IST
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ambulance reached 3 hours late, woman died.

देहरादून के साहिया क्षेत्र में मलेथा के ग्राम प्रधान की प्रसूता पत्नी ने अस्पताल ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया। मौत का कारण अधिक रक्तस्त्राव बताया जा रहा है। महिला की तबीयत बिगड़ने पर 108 सेवा को सूचना दी गई थी, लेकिन एंबुलेंस आने में देरी होते देख परिजन प्राइवेट वाहन से महिला को लेकर पजिटिलानी तक आ गए थे।

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वहां से प्रसूता को 108 सेवा से सीएचसी साहिया ले जाया जा रहा था। परिजन 108 के देरी से पहुंचने का आरोप लगाते हुए शव लेकर गांव चले गए। डॉक्टरों का कहना है कि यदि समय पर महिला को इलाज मिल जाता तो उसकी मौत न होती।
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ग्राम प्रधान केदिया राम की पत्नी गोरखी देवी (30) ने शुक्रवार सुबह चार बजे पैतृक गांव धारिया में घर पर ही स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। सात बजे गोरखी के पेट में तेज दर्द होने लगा। परिजनों ने 40 किमी दूर सीएचसी साहिया से 108 एंबुलेंस सेवा मंगवाई।

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तीन घंटे बाद पहुंची एंबुलेंस, होता रहा रक्तस्राव

ambulance reached 3 hours late, woman died.

एंबुलेंस के नराया जाने के कारण 70 किमी दूर सीएचसी चकराता से दूसरी एंबुलेंस भेजी गई। ऐसे में 108 एंबुलेंस को पहुंचने में तीन घंटे से अधिक का समय लग गया। जब तक एंबुलेंस जच्चा को लेकर अस्पताल पहुंचती देर हो चुकी थी। अधिक रक्तस्राव के कारण गोरखी देवी ने रास्ते में दम तोड़ दिया।

सीएचसी साहिया पहुंचने पर डॉक्टरों ने महिला को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजन बिना किसी कार्रवाई के शव लेकर लौट गए। मृतका के पति और ग्राम प्रधान केदिया राम का कहना है कि यदि 108 एंबुलेंस समय से आ जाती तो पत्नी की जान बच सकती थी।

सीएमएस मयंक शर्मा ने बताया कि काफी रक्त बहने के कारण महिला की जान चली गई। बच्चा पूरी तरह स्वस्थ बताया जा रहा है।

पजिटिलानी में मिलता इलाज तो बच जाती जान

ambulance reached 3 hours late, woman died.

वैसे तो सरकार लोगों के स्वास्थ्य को लेकर तरह-तरह के दावे करती है, लेकिन जब पहाड़ों के रिमोट एरिया में इस तरह की स्थिति आती है तो सारे के सारे दावे खोखले साबित होते हैं। पजिटिलानी स्थित पीएचसी में यदि चिकित्सक तैनात होते तो शायद गोरखी देवी का जान बच जाती।

कारण, मलेथा से सबसे नजदीकी अस्पताल पीएचसी पजिटिलानी है। पजिटिलानी मलेथा से करीब 29 किमी दूर है। ऐसे में यहां पहुंचने में साहिया की तुलना में कम समय लगता। लेकिन अस्पताल में स्टाफ न होने के कारण आज भी लोगों को इलाज के लिए 40 किमी दूर सीएचसी साहिया की दौड़ लगानी पड़ती है।

ऐसे में कई बार समय पर इलाज न मिलने के कारण लोग बीच रास्ते में दम तोड़ देते हैं। पजिटिलानी में करीब दो साल पहले पीएचसी का निर्माण हुआ था। लेकिन अभी तक उसमें स्टाफ की तैनाती नहीं की गई।

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