{"_id":"5f9677aa37668d5db546b9eb","slug":"amar-ujala-exclusive-forensic-field-units-to-be-formed-to-compile-evidence-in-criminal-incidents","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"अमर उजाला एक्सक्लूसिव : आपराधिक घटनाओं में साक्ष्य संकलन को गठित होंगी फोरेंसिक फील्ड यूनिटें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अमर उजाला एक्सक्लूसिव : आपराधिक घटनाओं में साक्ष्य संकलन को गठित होंगी फोरेंसिक फील्ड यूनिटें
Mon, 26 Oct 2020 01:28 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
दीप चंद्र बेलवाल, अमर उजाला, रुद्रपुर
दीप चंद्र बेलवाल, अमर उजाला, रुद्रपुर
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Mon, 26 Oct 2020 01:28 PM IST
विज्ञापन
जांच करती फोरेंसिक एक्सपर्ट की टीम
- फोटो : अमर उजाला (File Photo)
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ऊधमसिंह नगर जिले में आपराधिक वारदातों में साक्ष्य संकलन के लिए पहली बार पुलिस की फोरेंसिक फील्ड यूनिट के गठन की तैयारी है। इसकी शुरुआत ऊधमसिंह नगर से हो रही है।
विज्ञापन
एसएसपी स्तर से एक दरोगा, एक हेड कांस्टेबल, दो कांस्टेबल व एक कांस्टेबल (चालक) को यूनिट में नियुक्त किया जाएगा। फोरेंसिक साइंस लैब में 15 दिन प्रशिक्षण लेने के बाद टीम साक्ष्य संकलन का कार्य करेगी। ऊधमसिंह नगर के बाद अन्य जिलों में भी यूनिट का गठन होगा।
विज्ञापन
जिले में अपराधों का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है। फोरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) के संयुक्त निदेशक डॉ. दयालशरण शर्मा ने यूनिट गठन का प्रस्ताव शासन को भेजा था। शासन से अनुमति मिलने के बाद जिले में पुलिस की फोरेंसिक फील्ड यूनिट गठित करने की कार्यवाही शुरू कर दी गई है।
विज्ञापन
डॉ. दयाल शरण ने बताया कि फोरेंसिक फील्ड यूनिट के लिए शासन स्तर से हरिद्वार, नैनीताल, एफएसएल रुद्रपुर और देहरादून को चार नई वैन दी जा चुकी हैं। जिन जिलों में यूनिटें गठित होंगी, उन्हें वाहन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
टीम को दिया जाएगा 15 दिन का प्रशिक्षण
टीम गठित होने के बाद इसे फोरेंसिक साइंस लैब में 15 दिन प्रशिक्षण दिया जाएगा। ऊधमसिंह नगर के बाद बारी-बारी से सभी जिलों में गठित फील्ड यूनिट को भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। फोरेंसिक फील्ड यूनिट किसी भी तरह की आपराधिक घटना होने पर तुरंत घटनास्थल पर जाएगी। एसएसपी डीएस कुंवर से यूनिट के लिए पुलिस कर्मियों के नाम मांगे गए हैं।
ऐसे काम करेगी फोरेंसिक फील्ड यूनिट
किसी क्षेत्र में अपराध होने पर थानाध्यक्ष या चौकी प्रभारी घटना की सूचना एसएसपी को देंगे। एसएसपी फोरेंसिक फील्ड यूनिट को सूचना देगी। साक्ष्यों को नष्ट होने से बचाने के लिए टीम को घटनास्थल पर पहुंचकर बाल, रक्त, हड्डी, दांत और हथियार आदि साक्ष्य एकत्र करने होंगे। इसके बाद साक्ष्य को टीम फोरेंसिक लैब में लेकर जाएगी। ठोस साक्ष्य के आधार पर फोरेंसिक टीम जांच के बाद जल्द अपनी रिपोर्ट एसएसपी को देगी।
अल्मोड़ा के तेजाब हमले के आरोपियों को मिली थी सजा
फोरेंसिक साइंस लैब की रिपोर्ट के आधार पर कई अपराधों का खुलासा होने के साथ आरोपियों को सजा भी मिल चुकी है। वर्ष 2019 में अल्मोड़ा में युवती पर हुए तेजाब के हमले के मामले में आरोपी को घटना के तीन माह बाद ही आजीवन कारावास की सजा हुई। सजा दिलाने में लैब की रिपोर्ट भी मजबूत साक्ष्य रही थी। इसके अलावा, बागेश्वर के दो हत्याओं के मामले में बिसरा जांच रिपोर्ट आरोपियों को उम्रकैद और नैनीतल के सात नारकोटिक्स मामलों में आरोपियों को सजा दिलाने में अहम साक्ष्य रही।
विसरा के 800, नारकोटिक्स की 1500 जांच
फोरेंसिक साइंस लैब में अब तक 800 विसरा जांच व 1500 नारकोटिक्स जांचें हो चुकीं हैं। इसके अलावा, फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य एकत्र कर सौ सैंपल डीएनए जांच के लिए देहरादून भेजे थे, जिनकी रिपोर्ट मिलने के बाद संबंधित जिलों को भेजी गई थी।
आपराधिक घटनाएं होने पर फोरेंसिक टीम घटनास्थल पर जाकर साक्ष्य संकलन करती है। अब वैज्ञानिक साक्ष्यों को सुरक्षित संकलित करने के लिए हर जिले में पुलिस की फोरेंसिक फील्ड यूनिट का गठन किया जा रहा है। यह यूनिट किसी भी बड़ी घटना के बाद तुरंत मौके पर जाकर कार्रवाई करेगी। फोरेंसिक साइंस लैब के वैज्ञानिक पूर्व की भांति अपना काम करेंगे। हर जिले में टीम को वाहन भी मुहैया कराया जाएगा।
- डॉ. दयालशरण शर्मा, संयुक्त निदेशक
किसी क्षेत्र में अपराध होने पर थानाध्यक्ष या चौकी प्रभारी घटना की सूचना एसएसपी को देंगे। एसएसपी फोरेंसिक फील्ड यूनिट को सूचना देगी। साक्ष्यों को नष्ट होने से बचाने के लिए टीम को घटनास्थल पर पहुंचकर बाल, रक्त, हड्डी, दांत और हथियार आदि साक्ष्य एकत्र करने होंगे। इसके बाद साक्ष्य को टीम फोरेंसिक लैब में लेकर जाएगी। ठोस साक्ष्य के आधार पर फोरेंसिक टीम जांच के बाद जल्द अपनी रिपोर्ट एसएसपी को देगी।
अल्मोड़ा के तेजाब हमले के आरोपियों को मिली थी सजा
फोरेंसिक साइंस लैब की रिपोर्ट के आधार पर कई अपराधों का खुलासा होने के साथ आरोपियों को सजा भी मिल चुकी है। वर्ष 2019 में अल्मोड़ा में युवती पर हुए तेजाब के हमले के मामले में आरोपी को घटना के तीन माह बाद ही आजीवन कारावास की सजा हुई। सजा दिलाने में लैब की रिपोर्ट भी मजबूत साक्ष्य रही थी। इसके अलावा, बागेश्वर के दो हत्याओं के मामले में बिसरा जांच रिपोर्ट आरोपियों को उम्रकैद और नैनीतल के सात नारकोटिक्स मामलों में आरोपियों को सजा दिलाने में अहम साक्ष्य रही।
विसरा के 800, नारकोटिक्स की 1500 जांच
फोरेंसिक साइंस लैब में अब तक 800 विसरा जांच व 1500 नारकोटिक्स जांचें हो चुकीं हैं। इसके अलावा, फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य एकत्र कर सौ सैंपल डीएनए जांच के लिए देहरादून भेजे थे, जिनकी रिपोर्ट मिलने के बाद संबंधित जिलों को भेजी गई थी।
आपराधिक घटनाएं होने पर फोरेंसिक टीम घटनास्थल पर जाकर साक्ष्य संकलन करती है। अब वैज्ञानिक साक्ष्यों को सुरक्षित संकलित करने के लिए हर जिले में पुलिस की फोरेंसिक फील्ड यूनिट का गठन किया जा रहा है। यह यूनिट किसी भी बड़ी घटना के बाद तुरंत मौके पर जाकर कार्रवाई करेगी। फोरेंसिक साइंस लैब के वैज्ञानिक पूर्व की भांति अपना काम करेंगे। हर जिले में टीम को वाहन भी मुहैया कराया जाएगा।
- डॉ. दयालशरण शर्मा, संयुक्त निदेशक