महिलाओं के चेहरे पर मुस्कान लाएगा 'अपराजिता' अभियान, सोच बदलो तो उन्हें कोई पराजित नहीं कर सकता
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महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास राज्यमंत्री रेखा आर्य ने मंगलवार को देहरादून में अमर उजाला के संकल्प ‘अपराजिता: 100 मिलियन स्माइल्स’ का पोस्टर और लोगो जारी किया। उन्होंने कहा कि ‘महिलाएं वो शक्ति हैं, जिसे कोई पराजित नहीं कर सकता।’ अमर उजाला को अभियान के लिए शुभकामनाएं देते हुए उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस यात्रा के दौरान वे ऐसी महिलाओं से रूबरू हो सकेंगी, जिन्होंने गृहस्थी से लेकर सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक और व्यावसायिक क्षेत्र में अपना परचम लहराया।
जो आज समाज के लिए प्रेरणा का कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि देश-प्रदेश और आम जनजीवन में महिलाओं की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। उत्तराखंड राज्य तो महिलाओं के बलबूते बना है। महिलाएं अपनी योग्यता, क्षमता और हिम्मत के दम पर आगे बढ़ रही हैं।
इस दौरान उन्होंने महिला सशक्तीकरण के प्रति अपनी सरकार के संकल्प को बार-बार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि ऐसी मुहिम को आगे बढ़ाया जाना चाहिए। हमारी सरकार महिलाओं के रोजगार, उनका जीवन सुधारने, और बेटियों की सुरक्षा और स्वच्छता को लेकर काम कर रही है। उन्हें पूरी आशा है कि ये अभियान सफलता के चरम पर पहुंचेगा।
नारी के चेहरे पर मुस्कान लाएगा अपराजिता अभियान
अमर उजाला का अपराजिता अभियान निश्चित तौर पर लाखों महिलाओं के चेहरे पर मुस्कान लेकर आएगा। दून पहुंची लैला मजनूं फिल्म की अभिनेत्री तृप्ति डिमरी का। तृप्ति ने कहा कि महिलाओं को पुरुष वर्ग की बराबरी करने के बजाए खुद को मजबूत बनाकर अपनी ऊंचाईयां छूने की जरूरत है। मूलरूप से उत्तराखंड के गौचर की निवासी तृप्ति अमर उजाला के अभियान के बारे में कहती हैं कि आज की नारी हमेशा से ही सब पर भारी पड़ती आ रही है।
हिंदुस्तान की नारियों में बहुत ताकत है। नारियों को सम्मान की मांग करने के बजाए खुद को आगे बढ़ाने के बारे में सोचने की जरूरत है। मर्दों की बराबरी न करें, खुद की बराबरी करें और अपने पैरों पर खड़े हों। तृप्ति ने कहा कि वह जब भी जरूरत होगी, अमर उजाला अपराजिता अभियान में अपना योगदान देने को तैयार रहेंगी।
सोच बदलो, समाज बदलेगा
हल्द्वानी में महिलाओं के चेहरे पर मुस्कान लाने के लिए जरूरी है कि उन्हें शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़कर आत्मरक्षा के साथ-साथ स्वावलंबी बनाने के लिए सामूहिक रूप से पहल की जाए। यह भी जरूरी है कि समाज में एकाधिकार छोड़कर पुरुष महिलाओं के प्रति अपनी सोच बदलें और महिलाओं को भी समान अधिकार दें। इस दिशा में अमर उजाला की ओर से शुरू की गई अनूठी पहल अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स मील का पत्थर साबित होगी।
यह विचार पाल कॉलेज में आयोजित अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स कार्यक्रम के दौरान शिक्षाविदों व विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों ने व्यक्त किए। पॉल कॉलेज की सचिव कामिनी पाल ने अमर उजाला की इस पहल का स्वागत करते हुए महिलाओं को शिक्षित और आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया। निदेशक प्रो.बीडी लखचौरा ने कहा कि महिलाओं को आर्थिक स्तर पर स्वावलंबी बनाने की जरूरत है ताकि वह छोटी छोटी जरूरतों के लिए पुरुषों पर आश्रित न करें।
शिक्षिका हिमानी तिवारी का कहना था कि मौजूदा समय में विद्यालय स्तर पर महिला सुरक्षा से संबंधित पाठ्यक्रम शुरू किए जाएं। शिक्षिका निवेदिता दानू ने कहा कि महिलाएं समाज में अब बेचारी नहीं हैं। उनमें इसे लेकर आत्मविश्वास जाग्रत करना होगा। वक्ताओं ने कहा कि यदि महिलाएं और युवतियां यह ठान लें कि वह महिला हिंसा के खिलाफ संघर्ष कर सकती हैं तो महिला हिंसा पर रोक लगाई जा सकती है।
ईग्नाइट एजुकेशन ट्रेनिंग सेंटर शिमला की संस्थापिका भवप्रीता ठाकुर व ऋषि ठाकुर ने कहा कि महिला हिंसा पर रोक लगाने की शुरुआत हमें खुद के परिवार से करनी होगी। उन्होंने युवतियों और छात्राओं को साइबर क्राइम से बचाव के बारे में भी जानकारी दी। संचालन भवप्रीता ठाकुर ने किया।
दून पहुंची दंगल गर्ल सान्या मल्होत्रा ने अपराजिता को लेकर की मन की बात
नारी को सशक्त बनाएगा अमर उजाला अपराजिता अभियान। दून पहुंची दंगल गर्ल सान्या मल्होत्रा ने यह बात कही। वह अमर उजाला के इस अभियान को लेकर काफी उत्साहित नजर आईं।
दंगल फिल्म में बबीता फोगाट का किरदार निभाने वाली सान्या मल्होत्रा दून पहुंची। उन्होंने अमर उजाला अपराजिता अभियान की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि महिलाओं को सशक्त बनाने का अमर उजाला का यह अभियान मील का पत्थर साबित होगा।
जिन महिलाओं को आगे बढ़ने की जरूरत है, अपराजिता उनका हौसला बनेगा। सान्या के मुताबिक, आज महिलाएं जितनी तेजी से आगे बढ़ रही है, उतनी ही तेजी से उनके सामने चुनौतियां भी बढ़ रही हैं। अपराजिता जैसे अभियान देश के कोने-कोने में आयोजित कराने की जरूरत है।