फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Amar Ujala Apanatva Abhiyan: Many Children orphans due to corona this year

अमर उजाला अपनत्व अभियान: बेसहारा परिवारों को अब सरकार से आस

Thu, 17 Jun 2021 07:58 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Thu, 17 Jun 2021 07:58 PM IST
सार

ऐसे बच्चों के बारे में कोई जानकारी हो तो हमें 7617566171 पर व्हाट्स एप के जरिए बताएं या ddn-cityreporter @amarujala.com पर इमेल करें।  ऐसे बच्चों की पहचान उजागर नहीं की जाएगी। इनका ब्योरा संबंधित विभाग को भेजा जाएगा ताकि सरकार की योजना में इन्हें स्थान मिल सके। 

विज्ञापन
Amar Ujala Apanatva Abhiyan: Many Children orphans due to corona this year
प्रतीकात्मक तस्वीर

विस्तार

उत्तराखंड में कोरोना महामारी ने जिन बच्चों से उनके माता-पिता को छीन लिया है अमर उजाला ने उनकी पहचान के लिए अभियान शुरू किया है। 

विज्ञापन


कोरोना ने छीना बेटी के सिर से पिता का साया
हरिद्वार: कोरोना महामारी ने बेटी के सिर से पिता का छाया छीन लिया। जिसके चलते उसे अब आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में बेटी को अब वात्सल्य योजना से काफी उम्मीद है। नगर कोतवाली क्षेत्र के खड़खड़ी में रहने वाले पिता की हरिपुर में आई ड्राप्स बनाने की फैक्ट्री थी। पिता 22 अप्रैल को कोरोना पॉजीटिव हुए थे। जिसके बाद उन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां 28 अप्रैल को उनका निधन हो गया। परिवार में पत्नी व बेटी हैं। बेटी कक्षा 12 की छात्रा है। पिता के निधन के बाद परिवार के कमाने वाला कोई नहीं है। ऐसे में अब बेटी के सामने पढ़ाई को लेकर चिंता होने लगी है। पिता के निधन के बाद फैक्ट्री भी बंद है। मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना से मिलने वाली आर्थिक मदद से श्रेया को काफी उम्मीद है।
विज्ञापन


पहले पिता को खोया अब कोरोना ने मां को भी छीन लिया
नैनीताल: 
 रामनगर निवासी तीन भाई बहनों के पिता की 2009 में एक सड़क हादसे में मौत हो गई थी। सिर से पिता का साया उठने पर मां ने किसी तरह से तीनों बच्चों की परवरिश की। कोरोना महामारी में मां का भी कोरोना संक्रमण के चलते निधन हो गया। अब तीनों भाई बहनों के सामने आर्थिक संकट गहरा गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


खटीमा में दो बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
रुद्रपुर:
 खटीमा  में रहने वाले एक व्यक्ति की मौत के बाद पत्नी, दो बच्चों और बूढ़े माता, पिता की आर्थिक स्थिति डगमगा गई है। मृतक रुद्रपुर की एक कार एजेंसी में काम करता था और 17 अप्रैल को कोरोना संक्रमित होने पर रुद्रपुर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। लेकिन छह मई को उसका देहांत हो गया था। मृतक का परिवार किराए के मकान में रहता है। 

पिता की मौत के चार दिन बाद हुआ बेटी का जन्म
देहरादून: अपनों का साथ छोड़ जाने का गम शब्दों में बयां नहीं हो सकता। वैश्विक महामारी ने किसी बच्चे के सिर से पिता का साया छीन लिया तो कोई मां के आंचल से वंचित हो गया। पिता की मौत से बच्चों की जिम्मेदारियों का पहाड़ मां के कंधों पर आ गया है। आय का जरिया न होने से मां के सामने  भरण-पोषण व शिक्षा की समस्या खड़ी हो गई है। ऐसे ही एक अन्य मामले में पति की कोरोना से निधन हुआ तो उनके सामने दो बच्चों की जिम्मेदारी का पहाड़ टूट पड़ा। पति का  बीती तीन जून को निधन हो गया। मृत्यु के चार दिन बाद बेटी का जन्म हुआ। इससे पहले आठ साल का बेटा भी है। घर में कमाने वाला कोई नहीं है। आय का कोई दूसरा जरिया न होने से पत्नी के सामने दो बच्चों की परवरिश चुनौती बन गई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed