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उत्तराखंड: पहाड़ का प्रेम खींच लाया वापस, अल्मोड़ा के महेंद्र ने कंपनी खोलकर 400 से अधिक युवाओं को दिया रोजगार

Fri, 16 Oct 2026 07:37 AM IST
Renu Saklani अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: Renu Saklani Updated Fri, 16 Oct 2026 07:37 AM IST
सार

बेहतर भविष्य की तलाश में पहाड़ से निकले महेंद्र भट्ट कामयाबी हासिल करने के बाद अपनी जड़ों की ओर लौट आए। उन्होंने उत्तराखंड के तीन जिलों में पांच बैकएंड ऑफिस खोले हैं, जहां 400 से अधिक युवाओं को रोजगार मिल रहा है। खास बात यह है कि 12वीं पास युवा भी डेटा एंट्री और कॉल सेंटर जैसे कामों से जुड़कर अपने घर के पास नौकरी कर पा रहे हैं।

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Almora entrepreneur returns to uttarakhand opens five offices in three districts provides Jobs to 400 Youth
महेंद्र भट्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हम पहाड़ से निकले जरूर थे लेकिन पहाड़ हमारे दिल से नहीं निकल पाया। दूर देश में संघर्ष के बाद जब सफलता की राह पकड़ी तो लौट आए अपने पहाड़। अल्मोड़ा निवासी महेंद्र भट्ट ने कंपनी बनाई और पहली बार पहाड़ में उसके पांच कार्यालय खोल दिए। 400 से अधिक युवाओं को उनके घर पर ही रोजगार मिल रहा है, जिससे पलायन रोकने में मदद मिल रही है।

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महेंद्र ने अमर उजाला से बातचीत में बताया कि उन्होंने नोएडा में एक चैनल से अपने कॅरिअर की शुरुआत की थी। बहुत संघर्ष किया। पहाड़ की याद आती रही। धीरे-धीरे अपने मित्र डी विजयन के साथ मिलकर उन्होंने एडमास बैकेंड सर्विस नाम की कंपनी बनाई, जिसने अलग-अलग राज्यों में काम शुरू किया। आज उनकी कंपनी से देशभर में 1600 से अधिक युवा रोजगार पा रहे हैं।

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पहाड़ के अपने प्रेम के चलते लौटकर अल्मोड़ा आए। यहां कंपनी के पांच कार्यालय पिथौरागढ़, अल्मोड़ा और चंपावत में खोल दिए। आज 12वीं पास युवाओं को रोजगार दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि कई युवा यहां नौकरी करके अपनी पढ़ाई भी पूरी कर रहे हैं। उनके पास यूएस की एक कंपनी का डेटा एंट्री का काम है तो कई कंपनियों का कॉल सेंटर का भी। युवाओं की स्किल के हिसाब से संबंधित काम की जिम्मेदारी दी जाती है।

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सीमांत क्षेत्रों में तकनीकी कार्यों की नई संभावनाएं

भट्ट ने बताया कि तकनीकी रोजगार के विस्तार के दौरान पर्वतीय एवं सीमांत क्षेत्रों में डिजिटल कनेक्टिविटी, इंटरनेट और लीज लाइन जैसी आधारभूत सुविधाओं की चुनौतियां भी सामने आती हैं। कई दूरस्थ क्षेत्रों में बेहतर इंटरनेट कनेक्टिविटी उपलब्ध न होने के बावजूद स्थानीय युवाओं को तकनीकी कार्यों से जोड़ने का प्रयास लगातार जारी है। उन्होंने ये भी कहा कि अगर उन्हें लीज लाइन जैसी सुविधा मिल जाए तो उनका यह अभियान और आगे बढ़ जाएगा।



 

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