'कॉरपोरेट जगत के हित साध रही मोदी सरकार'
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उत्तराखंड में पूर्व सांसद प्रदीप टम्टा ने कहा कि केंद्र सरकार के पास विकास का कोई विजन नहीं है। यह सरकार कॉरपोरेट जगत के हित साध रही है।
सत्तारूढ़ होने के छह माह बाद भी केंद्र उत्तराखंड समेत हिमालयी राज्यों के विकास के लिए नीति बनाने में विफल रही है। पूर्ववर्ती यूपीए सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन पर सरकार ने रोक लगा दी है।
रविवार को पत्रकारों से बातचीत में पूर्व सांसद केंद्र की मोदी सरकार पर जमकर बरसे। उन्होंने कहा कि हिमालयी राज्य पर्यावरण बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। यूपीए-2 सरकार ने वीके चतुर्वेदी कमेटी की रिपोर्ट पर हिमालयी राज्यों को केंद्रीय बजट का दो फीसदी ग्रीन बोनस देने की सिफारिश की थी।
इन राज्यों को प्रतिवर्ष करीब 10 हजार करोड़ रुपए ग्रीन बोनस के रूप में मिलना था। उत्तराखंड को प्रतिवर्ष 1000 करोड़ से 1200 करोड़ रुपए प्रतिवर्ष मिलता, लेकिन मोदी सरकार ने चतुर्वेदी कमेटी की सिफारिशों को ठंडे बस्ते में डाल दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र को चीन से लगी 2.5 हजार किमी सीमा सुरक्षा की चिंता नहीं है।
महत्वपूर्ण काम आगे नहीं बढ़ा रही मोदी सरकार
यूपीए सरकार द्वारा सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण इन क्षेत्रों के लिए रेल और सड़क की घोषित राष्ट्रीय परियोजनाओं पर मोदी सरकार काम आगे नहीं बढ़ा रही है। उन्होंने मोदी सरकार के उत्तराखंड से जाने वाली परंपरागत और ऐतिहासिक कैलास मानसरोवर यात्रा के मार्ग को बदलकर गंगटोक से संचालित करने पर भी आपत्ति जताई।
उन्होंने कहा कि इस यात्रा को सुगम बनाने के लिए उत्तराखंड में सुविधाएं बढ़ाएं। इस मौके पर उनके साथ कांग्रेस नगर अध्यक्ष बिट्टू कर्नाटक, पूर्व दर्जा राज्य मंत्री केवल सती मौजूद थे।
राजधानी गैरसैंण का कोई विकल्प नहीं
पूर्व सांसद प्रदीप टम्टा ने कहा कि उत्तराखंड की स्थायी राजधानी गैरसैण का कोई विकल्प नहीं है। गैरसैंण पर्वतीय क्षेत्र में होने के साथ ही आंदोलनकारियों की भावना और कुमाऊं-गढ़वाल का मध्य स्थान है। देश के 11 पर्वतीय राज्यों में से 10 की राजधानी पर्वतीय क्षेत्र में है।
उन्होंने कहा कि गैरसैंण में विधानसभा भवन निर्माणाधीन है। सीएम ने सचिवालय निर्माण को भी मंजूरी दे दी है। राजनैतिक नेतृत्व ही स्थायी राजधानी पर निर्णय लेगा। टम्टा ने कहा कि इस पर अधिकारी वर्ग टिप्पणी कर माहौल नहीं बिगाड़ें। देहरादून में नए विधानसभा भवन की आवश्यकता नहीं है।