वन्य जीव आबादी में घुसे तो बजेगा अलार्म, जानवरों को भगाने के लिए निकलेंगी 40 तरह की आवाजें
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किसानों की फसलों को जानवरों से बचाने और मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने के लिए तराई पूर्वी वन प्रभाग में अर्ली सिस्टम लगेगा। तराई पूर्वी वन प्रभाग ने 10 अर्ली अलार्म सिस्टम मंगाया है। इनमें से नौ रेंजों को दिए गए हैं।
एक सिस्टम को वन प्रभाग में रिजर्व रखा गया है। यह अलार्म पहले से अपग्रेड भी है। इसमें करीब 40 तरह की आवाजें हैं। जानवरों को भगाने के लिए सिस्टम का प्रयोग सफल होने पर प्रभाग की ओर से और मंगाए जाएंगे।
तराई के जंगलों के आसपास खेती होती है। सिकुड़ते जंगल के कारण वन्यजीव आबादी की ओर आते हैं। इससे मानव-वन्यजीव संघर्ष हो रहा है। जंगली जानवर किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इसे देखते हुए यह कवायद की जा रही है।
सेंसर के सामने जानवर आने पर जलती है लाइट
अर्ली अलार्म सिस्टम में सेंसर लगा है। सेंसर के सामने जानवर आने पर लाइट जलने लगती है। इसके साथ ही इसमें से आवाजें निकलने लगती हैं। पहले जो सिस्टम आता था उसमें केवल एक तरह की आवाज होती थी जिससे जानवर इसके आदी हो जाते थे।
जानवरों को आबादी की ओर रोकने के लिए अर्ली अलार्म सिस्टम मंगाया गया है। इसमें करीब 40 तरह की आवाजें हैं। सिस्टम को प्रयोग के तौर पर लगाया जा रहा है। प्रयोग सफल रहा तो और अलार्म मंगाए जाएंगे। लोगों को भी इसे खरीदने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
-नीतीश मणि त्रिपाठी, डीएफओ, तराई पूर्वी वन प्रभाग