अखाड़ा परिषद ने की धर्म परिवर्तन को लेकर आजीवन कारावास की पैरवी, ईसाई मिशनरियों पर लगाए गंभीर आरोप
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अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत स्वामी नरेंद्र गिरि महाराज ने धर्म परिवर्तन के खिलाफ आवाज उठाई। उन्होंने धर्म परिवर्तन कराने वालों को आजीवन कारावास की पैरवी की। उन्होंने देश में आरक्षण को पूरी तरह से समाप्त करने के साथ जाति प्रथा को भी समाप्त करने की बात कही।
उन्होंने कहा कि देश में प्रत्येक व्यक्ति की जाति केवल हिंदू जाति हो। उन्होंने कहा कि इन मामलों के साथ फर्जी और कथित संतों के मुद्दे को लेकर इलाहाबाद में 20 सितंबर को होने वाली अखाड़ा परिषद की बैठक में उठाया जाएगा।
बृहस्पतिवार को काली मंदिर में पत्रकार वार्ता करते हुए परिषद के अध्यक्ष महंत स्वामी नरेंद्र गिरि महाराज ने कहा कि देश में बड़े स्तर पर ईसाई मिशनरी धर्म परिवर्तन करा रही हैं। यह गांवों के लोगों को विभिन्न तरह के प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
फर्जी तरीके से बन रहे शंकराचार्य
उन्होंने सवाल उठाया कि ईसाई मिशनरी के पास इतना धन कहां से आ रहा है, इसकी भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ईसाई अपने ट्रस्ट, शिक्षण संस्थान, अस्पताल, कंपनियों में नौकरी भी उन्हीं को देते हैं, जो धर्म परिवर्तन कर लेते हैं।
उन्होंने फर्जी तरीके से बन रहे शंकराचार्य, कथित संतों और किन्नर अखाड़ा बनाने के सवाल पर कहा कि यदि कोई अपने को किसी पदवी से विभूषित करा लें तो इसमें कुछ कहा नहीं जा सकता, लेकिन कुंभ में फर्जी संतों को मेला क्षेत्र में भूमि आवंटित नहीं होने दी जाएगी। इसके लिए मेलाधिकारी से मिलकर बात की गई है। इस मौके पर महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद ब्रह्मचारी, आचार्य संजीव महाराज आदि मौजूद रहे।