चीनी हरकतों पर आसमान से नजर रखेगा भारत
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भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) चीन सीमा की निगरानी अब हेलीकॉप्टर से करेगी। उत्तराखंड की साढ़े तीन सौ किलोमीटर लंबी सीमा पर नजर रखने के लिए आईटीबीपी लीज पर हेलीकॉप्टर ले रहा है।
सीमा पर निगरानी को मजबूत बनाने के लिए राज्य में सुरक्षा बल के नए बार्डर आउटपोस्ट भी बनेंगे। गौरतलब है कि अभी तक सिर्फ बीएसएफ के पास विमानों और हेलीकाप्टर का अपना बेड़ा है।
चीन सीमा पार से बढ़ती घुसपैठ की घटनाओं को देखते हुए आईटीबीपी को हवाई निगरानी की सुविधा मिलेगी। उत्तराखंड में वर्ष 2014 में दो बार चीन के हेलीकॉप्टर घुसपैठ कर चुके हैं। चीन सीमा पर आईटीबीपी को मजबूत करने के लिए गृह मंत्रालय ने दो लाइट हेलीकॉप्टर लीज पर लेने के लिए सहमति दे दी है। यह हेलीकॉप्टर उत्तराखंड के साथ लेह लद्दाख सेक्टर में भी आपरेट होंगे।
यही नहीं आईटीबीपी चीन सीमा के साथ 22 नए बार्डर आउट पोस्ट बना रही है, जिसमें चार उत्तराखंड में हैं। दो वर्षों में सभी बार्डर आउट पोस्ट ऑपरेशनल हो जाएंगे, जिसमें अभी तक एक नीती (गोटिंग) में निर्माणाधीन हैं। आधुनिक बॉर्डर आउट पोस्ट में बेहद सर्द मौसम में भी जवान तैनात रह सकते हैं। लोकसभा में गृहमंत्रालय ने यह जानकारी दी है।
सीमा पर बढ़ेगी मोबाइल कनेक्टिविटी
सीमांत इलाकों में मोबाइल कनेक्टिविटी की दिक्कतों को देखते हुए गृह मंत्रालय ने चीन सीमावर्ती क्षेत्र में आईटीबीपी को 123 मोबाइल टावर लगाने की अनुमति दी है।
यह टावर आईटीबीपी द्वारा चिह्नित स्थानों पर लगेंगे। टावर लगने से वहां बसी सीमावर्ती इलाकों में बसे जनता को मोबाइल से संपर्क साधने में मदद मिलेगी।
चीन करता रहता है घुसपैठ
चीन ने उत्तराखंड में इस वर्ष दो बार हवाई सीमा उल्लंघन और एक जमीनी घुसपैठ की है। वर्ष 2013 में माणा के पास घुसपैठ के अलावा दो अन्य प्रकरण सामने आए थे। इससे पहले वर्ष 2007 से 2012 के बीच 37 बार घुसपैठ हुई है। पैदल जवानों से लेकर पीएलए (पीपुल्स लिब्रेशन आर्मी) के घोड़ों पर गश्त हो चुकी है।