चीनी सेना की घुसपैठ के बाद सीमा पर भारतीय वायु सेना ने उठाया ये कदम
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चीनी हेलीकॉप्टरों के भारतीय सीमा में मंडराने की घटना के बाद भारतीय वायु सेना सीमा पर बड़ा कदम उठाया है।
इस घटना के बाद सीमा पर वायु सेना चौकसी बरत रही है। सोमवार सुबह करीब दस बजे से चीन सीमा क्षेत्र में करीब आधा घंटे तक वायु सेना के लड़ाकू विमान गश्त करते दिखाई दिए। हालांकि वायु सेना के इन विमानों को लेकर सेना और प्रशासन के अधिकारी कुछ भी कहने से इंकार कर रहे हैं।
बता दें कि बीते शनिवार को बाड़ाहोती क्षेत्र में पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के दो हेलीकॉप्टरों के आसमान में मंडराने की घटना से खुफिया एजेंसियां भी सतर्क हो गई हैं। पूर्व में भी कई बार चीन की ओर से हेलीकॉप्टर बाड़ाहोती क्षेत्र में घुसपैठ की कोशिश कर चुके हैं। हालांकि ताजा मामले में वायु सेना की ओर से जांच भी शुरू कर दी गई है।
मुख्यमंत्री से मिले वायुसेना के आला अधिकारी
खबर है कि चीन की लगातार घुसपैठ को लेकर भी बैठक में चर्चा हुई, हालांकि अधिकारी इसे महज औपचारिक मुलाकात बता रहे हैं। बैठक में जौलीग्रांट समेत राज्य के मौजूदा एयरपोर्ट और हेलीपैड को अधिक सुदृढ़ बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से सोमवार को एयर मार्शल एसबीपी सिन्हा, एयर मार्शल अरविंद बुटोला एवं मेजर बलराज मेहता ने सचिवालय में मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने चर्चा के दौरान उन्हें बताया कि राज्य सरकार प्रदेश में मूलभूत सुविधाओं का विकास कर रही है।
मेडिकल इमरजेंसी के लिए एयरपोर्ट एवं हेलीपैड की आवश्यकता
राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए यहां आपदा की आशंका हमेशा बनी रहती है। उन्होंने आपदा जैसी परिस्थितियों एवं मूलभूत सुविधाओं के विकास के लिए एयरफोर्स एवं भारतीय सेना की सहायता की आवश्यकता बताई। मेडिकल इमरजेंसी के समय राहत कार्यों के लिए हमें एयरपोर्ट एवं हेलीपैड की आवश्यकता पड़ती है।
उन्होंने कहा कि राज्य में हवाई पट्टियों को और अधिक सुदृढ़ बनाने की आवश्यकता है। एयर मार्शल सिन्हा एवं मेजर मेहता ने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि वह राज्य के विकास एवं आपदा जैसी परिस्थितियों में राज्य सरकार की सहायता का हर संभव प्रयास करेंगे। साथ ही एयरफोर्स द्वारा पंतनगर, चिन्यालीसौड़, नैनीसैनी (पिथौरागढ़) एवं गौचर को विकसित करने के लिए हर प्रकार की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
उन्होंने हवाई पट्टियों के विकास के लिए ट्रायल लैंडिंग और अन्य तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने का भी आश्वासन दिया। मेजर बलराज मेहता ने सैनिक स्कूल घोड़ाखाल को मिलने वाले बजट को समय पर रिलीज करने के अनुरोध को स्वीकार करते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि एक ऐसी व्यवस्था बनाई जाए कि सैनिक स्कूल का बजट समय पर रिलीज हो सके। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव डॉ. रणवीर सिंह, ओमप्रकाश, कमिश्नर गढ़वाल और सचिव गृह विनोद शर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।