{"_id":"62d2a16bcdda7615994a61c0","slug":"aiims-and-medical-college-will-adopt-one-village-each-to-make-the-state-tb-free","type":"story","status":"publish","title_hn":"TB Free Campaign: एम्स और मेडिकल कालेज लेंगे एक-एक गांव गोद, टेलीमेडिसिन और एयर एंबुलेंस का होगा विस्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
TB Free Campaign: एम्स और मेडिकल कालेज लेंगे एक-एक गांव गोद, टेलीमेडिसिन और एयर एंबुलेंस का होगा विस्तार
Sat, 16 Jul 2022 05:04 PM IST
रेनू सकलानी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: रेनू सकलानी
Updated Sat, 16 Jul 2022 05:04 PM IST
सार
उत्तराखंड को वर्ष 2024 तक टीबी मुक्त करने के लिए कई निर्णय लिए गए। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इसके लिए अभियान चलाया जाएगा और इस अभियान को सफल बनाने के लिए एम्स ऋषिकेश समेत प्रदेश के सभी निजी मेडिकल कॉलेज एक-एक जनपद गोद लेकर कार्य करेंगे।
विज्ञापन
धन सिंह रावत
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
स्वास्थ्य मंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने कहा कि प्रदेश में एयर एंबुलेंस और टेलीमेडिसिन सेवाओं का विस्तार किया जाएगा। उत्तराखंड को टीबी मुक्त करने के लिए टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा। जिसमें सरकारी व निजी मेडिकल कालेजों के विशेषज्ञ डॉक्टरों को शामिल किया जाएगा। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए एम्स ऋषिकेश समेत सभी राजकीय मेडिकल कालेज एक-एक गांव को गोद लेंगे।
विज्ञापन
शुक्रवार को दून मेडिकल कालेज में स्वास्थ्य मंत्री ने सरकारी व निजी मेडिकल कॉलेजों के प्रबंधन और प्राचार्यों के साथ बैठक की। राज्य को वर्ष 2024 तक टीबी मुक्त करने के लिए कई निर्णय लिए गए। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि एनएचएम मिशन निदेशक की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा। जिसमें सूबे के निजी व राजकीय मेडिकल कॉलेजों के एक-एक विशेषज्ञ चिकित्सक को शामिल किया जाएगा।
विज्ञापन
इस अभियान को सफल बनाने के लिए एम्स ऋषिकेश समेत प्रदेश के सभी निजी मेडिकल कॉलेज एक-एक जनपद गोद लेकर कार्य करेंगे। इसके अलावा राज्य में कैंसर की जांच व उपचार के लिए भी विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान को सफल बनाने के लिए सचिव स्वास्थ्य की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति का गठन कर सभी मेडिकल कॉलेजों के एक-एक कैंसर विशेषज्ञों को बतौर सदस्य नामित किया जाएगा।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें...मौत को मात: भरभराकर गिर गई जर्जर स्कूल भवन की दीवार, मलबे के नीचे अटकी सांसें, तस्वीरों में देखें भयावह मंजर
उन्होंने कहा कि एयर एंबुलेंस सेवा व टेलीमेडिसिन सेवाओं का विस्तार किया जाएगा, जिससे गंभीर रोगियों की पहचान कर उन्हें समय पर उच्च संस्थानों में पहुंचाया जा सके। जिला चिकित्सालयों को सभी सुविधाओं व चिकित्सा उपकरणों से लैस किया जाएगा। इससे 95 फीसदी मरीजों का उपचार जिला स्तर पर हो सकेगा। डॉक्टरों की तैनाती के साथ ही पैरामेडिकल स्टॉफ व वार्ड ब्वॉय को एम्स ऋषिकेश और मेडिकल कॉलेजों में प्रशिक्षिण देने की योजना बनाई जा रही है।