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Dehradun News: कृषि मंत्री ने किया दो दिवसीय सेब महोत्सव का शुभारंभ
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कृषि मंत्री ने किया दो दिवसीय सेब महोत्सव का शुभारंभ
कहा,महोत्सव का उद्देश्य किसानो को ग्राहकों से जोड़ने के लिए एक मंच प्रदान करना है
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। कृषि मंत्री गणेश जोशी ने आईटी पार्क सहस्त्रधारा स्थित नाबार्ड कार्यालय में राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) की और आयोजित दो दिवसीय 'सेब महोत्सव 2.0' का शुभारम्भ किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न जनपदों से लगे स्टोलों का भी अवलोकन कर किसानों से संवाद किया।
कृषि मंत्री ने कहा, सेब महोत्सव उत्तराखंड के सेब उत्पादकों की मेहनत, नवाचार और कृषि उद्यमिता का उत्सव है। यह पर्वतीय राज्य की कृषि क्षमता और किसानों की आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। उन्होंने कहा, आगामी सेब महोत्सव में कृषि एवं उद्यान के उत्पादों को भी लाया जाए।
उन्होंने कहा, राज्य सरकार कृषि के विविधीकरण पर विशेष बल दे रही है। बागवानी, सुगंधित एवं औषधीय पौधों, डेयरी, मत्स्य पालन, रेशम उत्पादन, मधुमक्खी पालन और मशरूम उत्पादन जैसे क्षेत्रों को प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे किसानों को पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर उच्च मूल्य वाली फसलों की ओर आकर्षित किया जा सके।
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उन्होंने बताया कि नाबार्ड ने राज्य में 138 किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को 20 करोड़ रुपये का अनुदान दिया है। साथ ही, कुल 34 वॉटरशेड एवं स्प्रिंगशेड परियोजनाओं के माध्यम से 11,164 हेक्टेयर भूमि का उपचार किया गया है, जिससे 5,045 परिवार लाभान्वित हुए हैं। बागवानी आधारित विकास कार्यक्रमों के तहत 4,163 एकड़ भूमि पर सेब, कीवी, अखरोट, आम, अमरूद और अन्य फलों के बाग स्थापित किए गए हैं।
नाबार्ड ने कृषि के विभिन्न आयामों पर आधारित 20 नवाचार पायलट परियोजनाएं भी शुरू की हैं, जिनमें जैविक उत्पादों की ट्रेसबिलिटी, एक्वापोनिक्स, मोरिंगा आधारित एकीकृत कृषि मॉडल, फार्म टूरिज्म, प्राकृतिक खेती, औषधीय एवं सुगंधित पौधों पर आधारित मॉडल और शून्य ऊर्जा कूल चैंबर जैसे अभिनव प्रयोग शामिल हैं। इन पहलों का उद्देश्य कृषि उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ ग्रामीण आजीविका के अवसरों को सृजित करना और पर्यावरणीय स्थिरता को बढ़ावा देना है।
उन्होंने यह भी बताया कि हरिद्वार जिले में नाबार्ड की ओर से 500 किसानों के साथ जैविक खेतों के डिजिटलीकरण की परियोजना संचालित की जा रही है।उत्तराखंड के 27 कृषि उत्पादों को भौगोलिक संकेतक (जीआई) टैग प्राप्त हुए हैं, जिनमें से छह नाबार्ड के प्रयासों से मिले है।
इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी, मुख्य महाप्रबंधक पंकज यादव, जीएम शशि कुमार, डीजीएम संजय कुमार, डीजीएमओ निर्मल कुमार सहित कई लोग उपस्थित रहे।
कहा,महोत्सव का उद्देश्य किसानो को ग्राहकों से जोड़ने के लिए एक मंच प्रदान करना है
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। कृषि मंत्री गणेश जोशी ने आईटी पार्क सहस्त्रधारा स्थित नाबार्ड कार्यालय में राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) की और आयोजित दो दिवसीय 'सेब महोत्सव 2.0' का शुभारम्भ किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न जनपदों से लगे स्टोलों का भी अवलोकन कर किसानों से संवाद किया।
कृषि मंत्री ने कहा, सेब महोत्सव उत्तराखंड के सेब उत्पादकों की मेहनत, नवाचार और कृषि उद्यमिता का उत्सव है। यह पर्वतीय राज्य की कृषि क्षमता और किसानों की आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। उन्होंने कहा, आगामी सेब महोत्सव में कृषि एवं उद्यान के उत्पादों को भी लाया जाए।
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उन्होंने कहा, राज्य सरकार कृषि के विविधीकरण पर विशेष बल दे रही है। बागवानी, सुगंधित एवं औषधीय पौधों, डेयरी, मत्स्य पालन, रेशम उत्पादन, मधुमक्खी पालन और मशरूम उत्पादन जैसे क्षेत्रों को प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे किसानों को पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर उच्च मूल्य वाली फसलों की ओर आकर्षित किया जा सके।
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उन्होंने बताया कि नाबार्ड ने राज्य में 138 किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को 20 करोड़ रुपये का अनुदान दिया है। साथ ही, कुल 34 वॉटरशेड एवं स्प्रिंगशेड परियोजनाओं के माध्यम से 11,164 हेक्टेयर भूमि का उपचार किया गया है, जिससे 5,045 परिवार लाभान्वित हुए हैं। बागवानी आधारित विकास कार्यक्रमों के तहत 4,163 एकड़ भूमि पर सेब, कीवी, अखरोट, आम, अमरूद और अन्य फलों के बाग स्थापित किए गए हैं।
नाबार्ड ने कृषि के विभिन्न आयामों पर आधारित 20 नवाचार पायलट परियोजनाएं भी शुरू की हैं, जिनमें जैविक उत्पादों की ट्रेसबिलिटी, एक्वापोनिक्स, मोरिंगा आधारित एकीकृत कृषि मॉडल, फार्म टूरिज्म, प्राकृतिक खेती, औषधीय एवं सुगंधित पौधों पर आधारित मॉडल और शून्य ऊर्जा कूल चैंबर जैसे अभिनव प्रयोग शामिल हैं। इन पहलों का उद्देश्य कृषि उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ ग्रामीण आजीविका के अवसरों को सृजित करना और पर्यावरणीय स्थिरता को बढ़ावा देना है।
उन्होंने यह भी बताया कि हरिद्वार जिले में नाबार्ड की ओर से 500 किसानों के साथ जैविक खेतों के डिजिटलीकरण की परियोजना संचालित की जा रही है।उत्तराखंड के 27 कृषि उत्पादों को भौगोलिक संकेतक (जीआई) टैग प्राप्त हुए हैं, जिनमें से छह नाबार्ड के प्रयासों से मिले है।
इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी, मुख्य महाप्रबंधक पंकज यादव, जीएम शशि कुमार, डीजीएम संजय कुमार, डीजीएमओ निर्मल कुमार सहित कई लोग उपस्थित रहे।