रिवर राफ्टिंग और पैराग्लाइडिंग पर रोक से बेरोजगार हुए हजारों लोग, संचालकों ने हाईकोर्ट से मांगी मदद
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उत्तराखंड हाईकोर्ट ने प्रदेश भर की नदियों, झीलों में रॉफ्टिंग, वाटर स्पोर्ट्स और पैराग्लाइडिंग पर रोक लगाते हुए सरकार से दो सप्ताह में एडवेंचर की नीति बनाने के निर्देश दिए हैं। इधर, भीमताल, नौकुचियाताल, पांडेगांव में पैराग्लाइडिंग, जोरिंग, कायकिंग बंद होने से शहर और ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़े प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रुप से एक हजार से अधिक लोग बेरोजगार हो गए।
बेरोजगार होने से युवाओं के सामने रोजी रोटी पर संकट मंडराने लगा है। एडवेंचर से जुड़े संचालकों ने शासन और सरकार से इस समस्या को गंभीरता से हल करने की मांग की है। उन्होंने सरकार से एडवेंचर पर ठोस रणनीति बनाकर हाईकोर्ट के सामने पेश करने की मांग की है।
एडवेंचर से जुड़े नितिन राणा, संजू मेहरा, दीपू मेहरा, मनोज पोखरिया, धीरु पांडे, यश पोखरिया, गिरीश कुमार, भुवन उप्रेती, नितेश बिष्ट, राकेश बृजवासी ने सरकार से इस समस्या का समाधान कर बेरोजगार हुए हजारों लोगों को रोजगार देने की मांग की है।
कई पैराग्लाइडिंग संचालकों ने की आदेश की अवहेलना
सभी ने कहा कि एडवेंचर से जुड़े लोगों ने लाखों का ऋण बैंक से लेकर पैराग्लाइडिंग, कायकिंग, जोरजिंग में पैसे लगाए है। पर्यटन सीजन में एडवेंचर बंद होने से लोग ऋण का पैसा कैसे चुका पाएंगे? इसके लिए राज्य सरकार जल्द कोई ठोस नीति तैयार करें। एडवेंचर संचालक नितिन राणा ने बताया कि इस समस्या को हल करने के लिए एक शिष्टमंडल पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज से 28 जून को मिलेगा। एडवेंचर बंद होने से सैलानी भी मायूस होकर लौट रहे हैं।
कई पैराग्लाइडिंग संचालकों ने की आदेश की अवहेलना
हाईकोर्ट ने प्रदेश भर में सरकार से दो सप्ताह में एडवेंचर के लिए नीति बनाने के निर्देश देते हुए साहसिक खेलों पर रोक लगाई है। इधर कुछ पैराग्लडिंग संचालकों की ओर से कोर्ट के आदेशों का पालन न कर पैराग्लाडिंग की उड़ान भरी। इसके चलते अन्य पैराग्लाइडिंग संचालकों ने इसे कोर्ट के निर्देशों की अवमानना बताया और इससे उनमें साथियों के प्रति नाराजगी देखने को मिली।