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Dehradun News: 29 साल बाद भी नहीं बनी तीन किमी सड़क
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I-सड़क बनने से आपस में जुड़ सकेंगी खत बिशाइल, सिलगांव, बाना खत के गांव
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I-सड़क सुविधा से जुड़ सकेंगे झुटाया और सैरी गांवI
29 साल बाद भी सड़क के तीन किमी हिस्से का निर्माण नहीं हो सका है। निर्माण होने पर झुटाया और सैरी गांव भी सड़क से जुड़ सकेंगे। साथ ही बिशाइल, बाना और सिलगांव खत के 40 से अधिक गांव आपस में जुड़ जाएंगे। ग्रामीणों ने शेष हिस्से का शीघ्र निर्माण कराने की मांग की है।
वर्ष 1987 में कोठा बैंड से निछया-धोयरा तक 17 किमी लंबी सड़क को स्वीकृति प्रदान की गई थी। सड़क को मुंशीघाटी-देऊ मोटर मार्ग से जोड़ा जाना था, लेकिन ठुरूऊ गांव तक 14 किमी तक ही सड़क का निर्माण किया गया। करीब 29 साल से ग्रामीण शेष हिस्से के निर्माण की बाट जोह रहे हैं।
निर्माण न होने से खत बिशाइल के लोगाें को साहिया पहुंचने के लिए 30 किमी का फेरा लगाना पड़ता है। निर्माण पूरा होने पर झुटाया और सैरी गांव के करीब 50 परिवार भी सड़क सुविधा से जुड़ सकेंगे। अभी इन गांवों के लोगों को दो से तीन किमी की पैदल दूरी नापनी पड़ती है। पंजिया की प्रधान प्रीति चौहान और बंसार निवासी गजेंद्र सिंह का कहना है सड़क बनने से कई गांव की राह आसान होगी। तीनों खत के लोग सीधे कालसी-चकराता मोटर मार्ग से जुड़ सकेंगे। जिससे आवाजाही आसान होगी।
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Iपूर्व में सर्वे के दौरान ग्रामीणों में आपस में विवाद हो गया था। नए सिरे से सर्वे करा कर मोटर मार्ग के निर्माण के लिए प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा जा चुका है। -प्रत्यूष कुमार, ईई, लोनिवि खंड साहियाI
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I-सड़क सुविधा से जुड़ सकेंगे झुटाया और सैरी गांवI
29 साल बाद भी सड़क के तीन किमी हिस्से का निर्माण नहीं हो सका है। निर्माण होने पर झुटाया और सैरी गांव भी सड़क से जुड़ सकेंगे। साथ ही बिशाइल, बाना और सिलगांव खत के 40 से अधिक गांव आपस में जुड़ जाएंगे। ग्रामीणों ने शेष हिस्से का शीघ्र निर्माण कराने की मांग की है।
वर्ष 1987 में कोठा बैंड से निछया-धोयरा तक 17 किमी लंबी सड़क को स्वीकृति प्रदान की गई थी। सड़क को मुंशीघाटी-देऊ मोटर मार्ग से जोड़ा जाना था, लेकिन ठुरूऊ गांव तक 14 किमी तक ही सड़क का निर्माण किया गया। करीब 29 साल से ग्रामीण शेष हिस्से के निर्माण की बाट जोह रहे हैं।
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निर्माण न होने से खत बिशाइल के लोगाें को साहिया पहुंचने के लिए 30 किमी का फेरा लगाना पड़ता है। निर्माण पूरा होने पर झुटाया और सैरी गांव के करीब 50 परिवार भी सड़क सुविधा से जुड़ सकेंगे। अभी इन गांवों के लोगों को दो से तीन किमी की पैदल दूरी नापनी पड़ती है। पंजिया की प्रधान प्रीति चौहान और बंसार निवासी गजेंद्र सिंह का कहना है सड़क बनने से कई गांव की राह आसान होगी। तीनों खत के लोग सीधे कालसी-चकराता मोटर मार्ग से जुड़ सकेंगे। जिससे आवाजाही आसान होगी।
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Iपूर्व में सर्वे के दौरान ग्रामीणों में आपस में विवाद हो गया था। नए सिरे से सर्वे करा कर मोटर मार्ग के निर्माण के लिए प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा जा चुका है। -प्रत्यूष कुमार, ईई, लोनिवि खंड साहियाI