उत्तराखंड: धर्मनगरी में जानलेवा हुई ठंड, शीतलहर की चपेट में आकर तीन लोगों की मौत
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रुड़की के बाद धर्मनगरी में ठंड जानलेवा हो गई है। रेलवे स्टेशन और हरकी पैड़ी के पास गुरु लंगर के बाहर दो अज्ञात लोगों की मौत हो गई। माना जा रहा है कि ठंड लगने से दोनों की मौत हुई है। वहीं खानपुर में भी एक बुजुर्ग की मौत हो गई।
ठंड के चलते खानपुर क्षेत्र के माडाबेला गांव के 65 वर्षीय रामलाल पुत्र चंद्रभान की मौत हो गई। परिजनों ने बुजुर्ग की मौत का कारण ज्यादा सर्दी होना बताया है। सूचना पर तहसील प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर परिजनों और ग्रामीणों से इस संबंध में जानकारी हासिल की।
रामलाल के बेटे ने प्रशासन की टीम को बताया कि उनके पिता स्वस्थ थे और सुबह खाना भी खाया था ,लेकिन तराई का क्षेत्र होने के चलते ज्यादा ठंड पड़ रही है। इसके चलते उसके पिता की अचानक मौत हो गई। घटना के वक्त परिजन खेत गए थे जब घर लौटे तो उनका निधन हो चुका था।
दूसरी तरफ बृहस्पतिवार को भी धर्मनगरी और आसपास का क्षेत्र घने कोहरे की चादर से घिरा रहा। 30 दिसंबर से चालीस दिन का चिल्ला शुरू हो गया था। शुरू होने के अगले दिन 31 दिसंबर से मौसम ने करवट बदलनी शुरू कर दी थी।
शाम के समय को बाजारों में सन्नाटा
31 दिसंबर की रात और नए साल के पहले दिन गढ़वाल की ऊंची पहाड़ियों पर हुई बर्फबारी के बाद से मैदान का इलाका शीतलहर की चपेट में है। पिछले कुछ दिनों से दोपहर तक छाने वाले कोहरे ने मुश्किलें बढ़ा रखी थी।
लोगों को बृहस्पतिवार को भी कोहरे से राहत नहीं मिली। तड़के से घना कोहरा छाने लगा था। जैसे-जैसे दिन चढ़ा कोहरा और घना हो गया। हालात यह थी कि कुछ मीटर की दूरी पर कुछ दिखाई नहीं दे रहा था। वाहन चालकों को दिन में भी लाइट जलाकर चलना पड़ा। ठंड का असर लोगों के जनजीवन पर भी दिखाई दिया।
सुबह के समय लोग देर से घर से निकले। सड़कों पर सन्नाटा नजर आया। सुबह के समय लोगों को उम्मीद थी कि दोपहर को धूप निकलेगी तो राहत मिलेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। सूरज पूरे दिन कोहरे में छिपा रहा।
ठंड का असर इस कदर था कि बाजारों में अन्य दिनों की अपेक्षा बहुत कम लोग नजर आए। शाम के समय को बाजारों में सन्नाटा पसर गया। ठंड से बचने के लिए लोगों को बिजली के उपकरणों का सहारा लेना पड़ा। हरकी पैड़ी और गंगा घाटों पर भी लोग नजर नहीं आए। शाम के समय होने वाली गंगा आरती में काफी कम श्रद्धालु दिखाई दिए
गंगा घाटों पर नहीं अलाव की व्यवस्था
गंगा घाटों पर नहीं अलाव की व्यवस्था
नगर निगम ने शहर के कुछ सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलाने की व्यवस्था की है, लेकिन गंगा घाटों पर अलाव नहीं जल रहे। गंगा घाटों और मैदानों में अलाव की व्यवस्था नहीं होने से बेघर लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दिन के समय गंगा स्नान करने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी अलाव की व्यवस्था नहीं की गई। नगर निगम के सहायक नगर अधिकारी संजय कुमार का कहना है कि वन निगम के चिड़ियापुर डिपो से बृहस्पतिवार को और लकड़ी मंगाई गई हैं। रात में ही अलाव जलाने की व्यवस्था है। उन्होंने कहा कि बृहस्पतिवार जैसी ठंड आगे भी पड़ी तो दिन में भी अलाव की व्यवस्था की जाएगी।
दिनभर अलाव सेकते रहे नगर निगम के कर्मचारी
नगर निगम परिसर में अलग-अलग जगह अलाव की व्यवस्था की गई है। नगर निगम ने महिला कर्मचारियों, बाबूओं और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के लिए अलग-अलग जगह पर अलाव जलाए थे। बृहस्पतिवार को ज्यादातर कर्मचारी अपनी कुर्सी छोड़कर अलाव सेकते रहे।
सेवा समिति जला रही है अलाव
सेवा समिति के कार्यालय मंत्री रामपाल ने बताया कि समिति की ओर से पुलिस चौकी खड़खड़ी, पुलिस बैरियर भीमगोडा, पुलिस चौकी हरकी पैड़ी, सब्जी मंडी, गंगा टाकीज, डाकघर बैरियर आदि स्थानों पर अलाव जलाने की व्यवस्था की है। क्षेत्रवासियों की शिकायत है कि हरकी पैड़ी पुलिस चौकी के पुलिस कर्मी अलाव की लकड़ी उठाकर ले जाते हैैं। इसलिए गरीबों को अलाव का लाभ नहीं मिल रहा।