डॉक्टर ने टांके लगाते समय गर्भाश्य में छोड़ दी टूटी सुई और फिर...
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प्रसव के बाद टांके लगाते समय महिला डॉक्टर की लापरवाही से सुई टूटकर गर्भाश्य में रह गई। डॉक्टर की इस लापरवाही से महिला की जान पर बन आई।
इसके चलते संक्रमण फैलने से प्रसूता की तबियत बिगड़ गई। पीड़िता ने क्षतिपूर्ति के लिए स्थायी लोक अदालत में परिवाद दायर किया है। अदालत ने आरोपी चिकित्सक को जवाब देने का नोटिस जारी किया है।
दुर्गा कालोनी निवासी विनीता पत्नी धीरज कुमार ने अपने अधिवक्ता अरविंद कुमार शर्मा के माध्यम से स्थायी लोक अदालत में परिवाद दायर कहा कि गर्भवती होने पर उसने जून 2015 से नवंबर 2015 तक मुरादाबाद रोड स्थित एक महिला डॉक्टर से इलाज कराया।
डॉक्टर के खिलाफ दस लाख रुपये क्षतिपूर्ति का वाद दायर
प्रसव के बाद ऑपरेशन के दौरान महिला डॉक्टर ने टांके लगाए। इस दौरान सुई टूटकर उनके गर्भाश्य में रह गई और धीरे-धीरे खिसककर जांघों के बीच में आ गई।
इस कारण उन्हें संक्रमण हो गया। उसने कई टेस्ट और लंबा इलाज कराया, चार मई 2018 को एक्सरे कराने पर जांघ में धंसी टूटी सुई दिखाई दी।
पीड़िता ने डॉक्टर के खिलाफ दस लाख रुपये क्षतिपूर्ति का वाद दायर किया है। लोक अदालत के अध्यक्ष पंकज तोमर और सदस्य उमेश जोशी एवं सुभाषनी द्विवेदी ने संबंधित महिला डॉक्टर को नोटिस भेजकर 16 अगस्त को प्रति दावा प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।