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Dehradun News: 150 वर्ष बाद खत सैली के दोहा गांव में प्रवास पर आएंगे चालदा महाराज
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IIआराध्य की प्रवास यात्रा को लेकर 25 गांव के ग्रामीण उत्साहित, की जा रहीं तैयारियां
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Iजनजातीय क्षेत्र जौनसार बावर के आराध्य चालदा महासू देवता (द्वितीय सिद्ध पीठ थैना मंदिर) 16 जून को खत सैली के दोहा गांव में प्रवास पर आएंगे। आराध्य की प्रवास यात्रा को लेकर खत सैली के 25 गांव के ग्रामीण बेहद उत्साहित हैं। प्रवास यात्रा की तैयारी को अंतिम रूप दिया जा रहा।
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Iखत सैली मंदिर समिति के अध्यक्ष नगऊ गांव निवासी सदर स्याणा राजेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि करीब 150 वर्ष बाद चालदा महासू देवता का खत सैली दोहा गांव में आगमन हो रहा है। इस ऐतिहासिक प्रवास यात्रा की तैयारी लगभग पूरी कर ली गई है। 23 मई को नवनिर्मित मंदिर के शुद्धिकरण के बाद देवता के चिह्न (डोरिया) को स्थापित कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि देवता की प्रवास यात्रा में सभी 12 खतों से सदर स्याणा और प्रतिनिधि सम्मिलित होंगे। 16 जून को चालदा देवता को मंदिर के गर्भगृह में विराजमान किया जाएगा।
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I50 लाख की लागत से किया गया मंदिर का निर्माण
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Iसमिति के कोषाध्यक्ष दिनेश सिंह चौहान से बताया कि चालदा देवता की प्रवास यात्रा की तिथि निर्धारित होने के बाद से मंदिर निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया था। मंदिर निर्माण कार्य खत सैली के सभी 25 गांवों के परिवारों के आर्थिक सहयोग से सम्पन्न किया गया है। बताया कि मंदिर की निर्माण लागत करीब 50 लाख रुपये है।
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Iखत सैली कर्मचारी मंडल का रहा विशेष योगदान
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Iखत सैली कर्मचारी मंडल के अध्यक्ष अतर सिंह चौहान ने बताया कि खत सैली के सभी कर्मचारियों की मंदिर निर्माण सहित देवता की प्रवास यात्रा में अहम भूमिका रही है। खत सैली कर्मचारी समिति ने चालदा देवता समति को 30 लाख रुपये का आर्थिक सहयोग किया है।
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I25 से 30 हजार श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान
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Iराजेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि चालदा महासू देवता की ऐतिहासिक प्रवास यात्रा में 25 से 30 हजार श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। प्रवास यात्रा में आने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए भंडारे की व्यवस्था की गई है।I
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IIआराध्य की प्रवास यात्रा को लेकर 25 गांव के ग्रामीण उत्साहित, की जा रहीं तैयारियां
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Iजनजातीय क्षेत्र जौनसार बावर के आराध्य चालदा महासू देवता (द्वितीय सिद्ध पीठ थैना मंदिर) 16 जून को खत सैली के दोहा गांव में प्रवास पर आएंगे। आराध्य की प्रवास यात्रा को लेकर खत सैली के 25 गांव के ग्रामीण बेहद उत्साहित हैं। प्रवास यात्रा की तैयारी को अंतिम रूप दिया जा रहा।
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Iखत सैली मंदिर समिति के अध्यक्ष नगऊ गांव निवासी सदर स्याणा राजेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि करीब 150 वर्ष बाद चालदा महासू देवता का खत सैली दोहा गांव में आगमन हो रहा है। इस ऐतिहासिक प्रवास यात्रा की तैयारी लगभग पूरी कर ली गई है। 23 मई को नवनिर्मित मंदिर के शुद्धिकरण के बाद देवता के चिह्न (डोरिया) को स्थापित कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि देवता की प्रवास यात्रा में सभी 12 खतों से सदर स्याणा और प्रतिनिधि सम्मिलित होंगे। 16 जून को चालदा देवता को मंदिर के गर्भगृह में विराजमान किया जाएगा।
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I50 लाख की लागत से किया गया मंदिर का निर्माण
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Iसमिति के कोषाध्यक्ष दिनेश सिंह चौहान से बताया कि चालदा देवता की प्रवास यात्रा की तिथि निर्धारित होने के बाद से मंदिर निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया था। मंदिर निर्माण कार्य खत सैली के सभी 25 गांवों के परिवारों के आर्थिक सहयोग से सम्पन्न किया गया है। बताया कि मंदिर की निर्माण लागत करीब 50 लाख रुपये है।
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Iखत सैली कर्मचारी मंडल का रहा विशेष योगदान
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Iखत सैली कर्मचारी मंडल के अध्यक्ष अतर सिंह चौहान ने बताया कि खत सैली के सभी कर्मचारियों की मंदिर निर्माण सहित देवता की प्रवास यात्रा में अहम भूमिका रही है। खत सैली कर्मचारी समिति ने चालदा देवता समति को 30 लाख रुपये का आर्थिक सहयोग किया है।
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I25 से 30 हजार श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान
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Iराजेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि चालदा महासू देवता की ऐतिहासिक प्रवास यात्रा में 25 से 30 हजार श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। प्रवास यात्रा में आने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए भंडारे की व्यवस्था की गई है।I