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Dehradun News: प्रवास यात्रा समाप्त, मूल मंदिर लौटेंगे मस्सू देवता
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Iबीते वर्ष 30 नवंबर से कंदाड़ गांव में थे विराजमानI
ब्लॉक के कंदाड़ गांव में एक साल के प्रवास के बाद द्वार खत के आराध्य मस्सू (महाशिव) देवता 14 दिसंबर को मंझगांव स्थित अपने मूल मंदिर में लौट जाएंगे। देवता के पुजारी कांतिराम जोशी, कृपाराम जोशी ने बताया कि देवता के एक साल की प्रवास यात्रा पूरी होने के बाद मूल मंदिर लौटने की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
पुजारी ने बताया कि सभी ग्रामीण 13 दिसंबर को देवता को लाने के लिए कंदाड़ गांव जाएंगे। 14 दिसंबर को शुभ मुहूर्त में देवता की पालकी को मंदिर के गर्भ गृह से बाहर निकला जाएगा। करीब 10 किलोमीटर की पैदल यात्रा पूरी कर देवता मंझगांव पहुंचेंगे। जहां विधिवत पूजा-अर्चना, मंत्रोच्चार और शुद्धिकरण के बाद देवता को प्राचीन मंदिर के गर्भगृह में स्थापित किया जाएगा।
बताते चलें कि खत द्वार के मंझगांव में विराजमान मस्सू देवता मोहना खत के कंदाड़ गांव के लोगों के आराध्य कुल देवता हैं। उनकी इच्छा से बीते वर्ष 30 नवंबर को एक साल की प्रवास यात्रा के लिए उनको कंदाड़ गांव लाया गया था। एक साल की प्रवास यात्रा पूरी होने के बाद देवता 14 दिसंबर को अपने मूल मंदिर मंझगांव लौट जाएंगे।
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मंझगांव गांव के स्याणा श्यामदत्त जोशी, टीकम सिंह रावत, नारायण दत्त थपलियाल आदि ने बताया कि देवता इससे पूर्व वर्ष 1992 में 30 वर्ष बाद अपनी प्रवास यात्रा पर कंदाड़ गांव गए थे। उन्होंने बताया कि अगले 12 वर्ष बाद देवता एक साल की प्रवास यात्रा पर समोग गांव भी जाएंगे।
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ब्लॉक के कंदाड़ गांव में एक साल के प्रवास के बाद द्वार खत के आराध्य मस्सू (महाशिव) देवता 14 दिसंबर को मंझगांव स्थित अपने मूल मंदिर में लौट जाएंगे। देवता के पुजारी कांतिराम जोशी, कृपाराम जोशी ने बताया कि देवता के एक साल की प्रवास यात्रा पूरी होने के बाद मूल मंदिर लौटने की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
पुजारी ने बताया कि सभी ग्रामीण 13 दिसंबर को देवता को लाने के लिए कंदाड़ गांव जाएंगे। 14 दिसंबर को शुभ मुहूर्त में देवता की पालकी को मंदिर के गर्भ गृह से बाहर निकला जाएगा। करीब 10 किलोमीटर की पैदल यात्रा पूरी कर देवता मंझगांव पहुंचेंगे। जहां विधिवत पूजा-अर्चना, मंत्रोच्चार और शुद्धिकरण के बाद देवता को प्राचीन मंदिर के गर्भगृह में स्थापित किया जाएगा।
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बताते चलें कि खत द्वार के मंझगांव में विराजमान मस्सू देवता मोहना खत के कंदाड़ गांव के लोगों के आराध्य कुल देवता हैं। उनकी इच्छा से बीते वर्ष 30 नवंबर को एक साल की प्रवास यात्रा के लिए उनको कंदाड़ गांव लाया गया था। एक साल की प्रवास यात्रा पूरी होने के बाद देवता 14 दिसंबर को अपने मूल मंदिर मंझगांव लौट जाएंगे।
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मंझगांव गांव के स्याणा श्यामदत्त जोशी, टीकम सिंह रावत, नारायण दत्त थपलियाल आदि ने बताया कि देवता इससे पूर्व वर्ष 1992 में 30 वर्ष बाद अपनी प्रवास यात्रा पर कंदाड़ गांव गए थे। उन्होंने बताया कि अगले 12 वर्ष बाद देवता एक साल की प्रवास यात्रा पर समोग गांव भी जाएंगे।