{"_id":"658095fa0e2f0e3821008b91","slug":"adorable-chhatradhari-chalda-maharaj-will-visit-sirmaur-in-vikas-nagar-news-c-5-1-drn1033-310407-2023-12-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Dehradun News: पहली बार सिरमौर प्रवास के लिए जाएंगे छत्रधारी चालदा महाराज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Dehradun News: पहली बार सिरमौर प्रवास के लिए जाएंगे छत्रधारी चालदा महाराज
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
I- दसऊ गांव में विराजमान हैं चालदा महाराज
I
I- गवाली पश्मी गांव के लोगों के साथ बैठक कर तय होगा यात्रा और प्रवास का दिनI
सदैव चलायमान रहने वाले जौनसार बावर और हिमाचल प्रदेश के आराध्य छत्रधारी चालदा महाराज पहली बार प्रवास के लिए हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जाएंगे। एक साल तक गवाली पश्मी गांव में प्रवास करेंगे। गवाली पश्मी गांव के ग्रामीणों के साथ बैठककर यात्रा और प्रवास का दिन तय किया जाएगा।
छत्रधारी चालदा महासू देवता वर्तमान में पशगांव के दसऊ गांव स्थित भव्य मंदिर में विराजमान है। करीब 40 साल बाद एक मई 2023 को दसऊ प्रवास पर आए थे। इससे पूर्व देवता कोटी, मोहना और समाल्टा में एक-एक साल के प्रवास पर थे। अपने अगले प्रवास के लिए देवता ने हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के गवाली पश्मी गांव को चुना है। देवता पहली बार सिरमौर जा रहे हैं।
चार महासू देवता के बजीर दीवान सिंह राणा ने बताया कि चालदा महासू के अगले प्रवास को लेकर 16 दिसंबर को उनकी अध्यक्षता में एक बैठक बुलाई गई थी। इसमें देवता ने सिरमौर के गवाली पश्मी गांव में जाने की इच्छा जताई। बताया कि यात्रा और देवता के प्रवास के लिए एक बैठक गवाली पश्मी गांव के लोगों के साथ प्रस्तावित है। इसमें यात्रा और प्रवास का दिन तय किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
I
I- गवाली पश्मी गांव के लोगों के साथ बैठक कर तय होगा यात्रा और प्रवास का दिनI
सदैव चलायमान रहने वाले जौनसार बावर और हिमाचल प्रदेश के आराध्य छत्रधारी चालदा महाराज पहली बार प्रवास के लिए हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जाएंगे। एक साल तक गवाली पश्मी गांव में प्रवास करेंगे। गवाली पश्मी गांव के ग्रामीणों के साथ बैठककर यात्रा और प्रवास का दिन तय किया जाएगा।
छत्रधारी चालदा महासू देवता वर्तमान में पशगांव के दसऊ गांव स्थित भव्य मंदिर में विराजमान है। करीब 40 साल बाद एक मई 2023 को दसऊ प्रवास पर आए थे। इससे पूर्व देवता कोटी, मोहना और समाल्टा में एक-एक साल के प्रवास पर थे। अपने अगले प्रवास के लिए देवता ने हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के गवाली पश्मी गांव को चुना है। देवता पहली बार सिरमौर जा रहे हैं।
विज्ञापन
चार महासू देवता के बजीर दीवान सिंह राणा ने बताया कि चालदा महासू के अगले प्रवास को लेकर 16 दिसंबर को उनकी अध्यक्षता में एक बैठक बुलाई गई थी। इसमें देवता ने सिरमौर के गवाली पश्मी गांव में जाने की इच्छा जताई। बताया कि यात्रा और देवता के प्रवास के लिए एक बैठक गवाली पश्मी गांव के लोगों के साथ प्रस्तावित है। इसमें यात्रा और प्रवास का दिन तय किया जाएगा।
विज्ञापन