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देहरादून लिटरेचर फेस्टिवल : मुश्किल और अनजान रोल करना सिखाती हैं किताब - पंकज कपूर
Mon, 14 Oct 2019 02:45 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Mon, 14 Oct 2019 02:45 PM IST
सार
- प्रसिद्ध बॉलीवुड कलाकार पंकज कपूर ने लिटरेचर फेस्टिवल के अंतिम सत्र में साझा किए सिनेमा के पहलू
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- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
देहरादून लिटरेचर फेस्टिवल में आए बॉलीवुड एक्टर पंकज कपूर ने कहा कि यदि आप आर्टिस्ट हैं तो आपको किताबें पढ़ना कभी नहीं छोड़ना चाहिए। क्योंकि, किताबें ही हैं जो आपको मुश्किल और अनजान रोल करना सिखाती हैं। उनके साथ फेस्टिवल के अंतिम सत्र में आई उनकी पत्नी सुप्रिया पाठक ने भी अपने व्यक्तिगत और रील की जिंदगी को लोगों के साथ साझा किया।
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पंकज कपूर ने कहा कि तब्दीली आती है, लेकिन उसके लिए पहले चाह रखनी होगी। यानी बदलेगा जरूर सब कुछ, लेकिन बदलने की कोशिश करनी होगी। हर वो चीज जो पक जाती है उसे बदल दिया जाता है। ऐसे ही हर दशक या दो दशक का सिनेमा भी है। पंकज कपूर ने अपने बारे में इंटरनेट पर दी गई जानकारी को भी कार्यक्रम में दुरुस्त किया।
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दरअसल, विकिपीडिया पर उन्हें एक्टिंग से पहले एक इंजीनियर बताया गया है। लेकिन आज इस जानकारी का कपूर ने खंडन किया। कपूर ने कहा कि वे एनएसडी में आने से पहले केवल 12वीं तक पढ़े हैं। उन्होंने बताया कि मैंने अपने पिता से एक बार कहा था कि मैं एक्टर बनना चाहता हूं। जिसकी उन्होंने सराहना की और मैं आगे बढ़ता चला गया।
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सुप्रिया पाठक ने कहा कि वे कभी एक्टर नहीं बनना चाहती थीं। लेकिन उनकी मां की छवि उन्हें इस क्षेत्र में खींच लाई। हर वो जगह जहां गई उनकी मां के नाम की छाया उनके साथ थी। सुप्रिया ने भी कहा कि साहित्य और सिनेमा को अलग नहीं किया जा सकता है।