कालागढ़: NGT के आदेश पर 566 कब्जों को हटाने की कार्रवाई शुरू, हड़कंप
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पौड़ी जिला प्रशासन ने एनजीटी के आदेश पर रामगंगा बांध परियोजना कालागढ़ की कॉलोनियों से 566 कब्जों को हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी है। बुधवार को कोटद्वार के प्रभारी तहसीलदार ने कालागढ़ पहुंचकर चिह्ति भवनों पर लाल निशान लगवाने शुरू कर दिए, जिससे लोगों में हड़कंप मचा है।
एनजीटी ने 27 जनवरी को कालागढ़ से 566 नागरिकों के आवासों को अवैध कब्जा मानते हुए हटाने के आदेश राज्य प्रशासन और पौड़ी जिला प्रशासन को दिए हैं। जिसके अनुपालन के लिए बुधवार को कोटद्वार के प्रभारी तहसीलदार एचएम खंडूड़ी ने कालागढ़ पहुंचकर प्रभावित आवासों पर लाल निशान बनाने शुरू कर दिए हैं।
कांग्रेस के नगर अध्यक्ष आकाशदीप शर्मा ने कहा कि चुनाव के समय इस तरह की कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। नागरिकों की ओर से प्रशासन की कार्रवाई को न्यायालय में चुनौती दी जाएगी।
नागरिकों ने भी कहा है कि एनजीटी ने जिन 398 कब्जेधारियों को पुनर्वास के लिए वैध माना है, उनकी सूची अभी तक प्रशासन की ओर से सार्वजनिक नहीं की गई है। जबकि 566 कब्जों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इससे लोगों में रोष बना हुआ है। तहसीलदार ने बताया कि इस बाबत पूरी जानकारी पुनर्वास विभाग से ही मिल सकती है।
कार्बेट की जमीन वापस कराने की चल रही कवायद
वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया की शिकायत पर दिसंबर, 2013 में एनजीटी ने कार्बेट टाइगर रिजर्व क्षेत्र के कालागढ़ में वन्यजीवों के लिए संरक्षित जमीन पर हो रहे अतिक्रमण का संज्ञान लेते हुए इस जमीन को वन विभाग को लौटाने के आदेश उत्तराखंड सरकार को दिए थे।
पौड़ी जिला प्रशासन की ओर से कालागढ़ रामगंगा परियोजना की कॉलोनियों में रह रहे नागरिकों की सूची बनाकर एनजीटी को सौंपी गई थी।
कालागढ़ के लोगों की ओर से राज्य सरकार ने उन्हें अन्यत्र पुनर्वासित करने की याचिका प्रस्तुत की थी। जिसमें जिला प्रशासन द्वारा कालागढ़ में अवैध रूप से रहने वालों की संख्या 964 बताई गई थी, जिसमें 398 लोगों की ओर से पुनर्वास के लिए शपथपत्र दाखिल किए गए हैं। गत 27 जनवरी की सुनवाई में एनजीटी ने बाकी 566 परिवारों को वहां से हटाने के आदेश दिए हैं।