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पहले रचाई शादी, फिर किया बलात्कार

Mon, 26 Aug 2013 04:48 PM IST
अमर उजाला, पौड़ी
अमर उजाला, पौड़ी Updated Mon, 26 Aug 2013 04:48 PM IST
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accused of raping an eight-year jail term

पौड़ी में कोर्ट ने एक बलात्कार के दोषी को 8 साल कारावास की सजा सुनाई है। इस व्यक्ति ने पहले एक लड़की से जबरन शादी रचाई और फिर बलात्कार कर युवती को जंगल में ही छोड़ दिया।

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जिला एवं सत्र न्यायाधीश कुमकुम रानी ने कोटद्वार तहसील क्षेत्र से जुड़े एक मामले में छह लोगों को डकैती, बलात्कार, अपहरण और एक आरोपी को आपराधिक षडयंत्र रचने का दोषी पाया गया है।
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आठ साल की सजा
इनमें बलात्कार के मामले में एक आरोपी को आठ साल के कारावास के साथ पच्चीस हजार रुपये के अर्थदंड और अन्य मामलों में आरोपी छह लोगों को सात-सात साल के कारावास और दो-दो हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई है।
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इस्तगासा रिपोर्ट के अनुसार विगत तीन जनवरी को कोटद्वार तहसील क्षेत्र की एक महिला ने राजस्व पुलिस को तहरीर देकर छह लोगों पर उसके घर में घुसकर उसकी पुत्री का अपहरण, मारपीट और डकैती डालने का आरोप लगाया था।

लड़की का किया अपहरण
महिला का कहना था कि दो जनवरी की रात उसका पति एक वैवाहिक कार्यक्रम में गया था। इसी दौरान रात दो बजे शमशेर, बजीर, सर्फरदीन, जाहूर, गुलाम रसूल और दादी उसके घर में घुस आए।

उन्होंने उसके साथ मारपीट कर उसके जेवर लूट लिए और लड़की का अपहरण कर लिया। बाद में अपहृत लड़की जंगल में मिली।

लड़की ने कहा हुआ बलात्कार
पूछने पर लड़की ने बताया कि अपहरणकर्ताओं में शामिल गुलाम रसूल और दादी ने मस्ता के साथ मिलकर जबरदस्ती उसका विवाह शमशेर से कराया और शमशेर ने उसके साथ बलात्कार किया। मामले में राजस्व पुलिस ने इन सात लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया।


जिला अदालत ने मामले में सुनवाई करते हुए शमशेर को बलात्कार के आरोप में आठ साल के कारावास और 25 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।

सात साल की कारावास
जबकि डकैती और अपहरण के आरोप में गुलाम रसूल, सर्फ रदीन, जाहूर, बजीर, दादी और आपराधिक षडयंत्र रचने के आरोप में मस्ता को सात-सात साल के कारावास और दो-दो हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। मामले में अभियोजन पक्ष की ओर जिला शासकीय अधिवक्ता केपी डंगवाल से पैरवी की।

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