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आईएसबीटी : पिटकुल और टर्नर रोड के नाले को जोड़ा, जलभराव से राहत
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Iअमर उजाला ने उठाया था मुद्दा, समस्या का निकाला गया तात्कालिक हलI
आईएसबीटी पर होने वाले जलभराव की समस्या के निस्तारण का अस्थायी निदान कर दिया गया है। पिटकुल के सामने से गुजरने वाले नाले को टर्नर रोड के नाले से जोड़ दिया गया है, इससे बरसाती पानी इस नाले मेें आ जाएगा।
रविवार दोपहर से दोनों नालों को आपस में जोड़ने का काम शुरू किया गया, जो देर रात को पूरा हो गया। सोमवार को बरसात होने पर लोनिवि का प्रयास रंग लाया और जलभराव से काफी राहत मिली। गौरतलब है कि बारिश में आईएसबीटी के आसपास सर्वाधिक जलभराव हो रहा था। पिछले साल तो मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी आईएसबीटी पर जलभराव देख हैरान रह गए थे। मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताते हुए जांच के आदेश जिलाधिकारी को दिए थे। नाले के डिजाइन पर भी सवाल उठाकर दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए कहा था।
डीएम ने मामले की जांच की थी। इसके बाद भी एक साल गुजरने पर हालात जस के तस रहे। इस बार भी बरसात में जलभराव हुआ। अमर उजाला ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाकर सीएम के निर्देशों को याद दिलाया तो सरकारी मशीनरी हरकत में आई। विधायक धर्मपुर विनोद चमोली, विधायक उमेश शर्मा काऊ एवं डीएम सोनिका ने आईएसबीटी का निरीक्षण कर तात्कालिक व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए।
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लोनिवि की ओर से कहा गया कि जब तक पिटकुल के सामने वाला नाला चौड़ा नहीं किया जाता, समस्या का समाधान नहीं होगा, लेकिन इसमें कई अड़चनें हैं, सुझाया गया कि तात्कालिक तौर पर पिटकुल वाले नाले को सामने से गुजर रहे टर्नर रोड के चौड़े नाले से जोड़ दिया जाए तो बरसात में राहत मिल सकती है। दोनों नालों को जोड़े जाने से आईएसबीटी पर जलभराव हुआ, लेकिन कुछ ही देर में इससे राहत मिल गई।
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आईएसबीटी पर होने वाले जलभराव की समस्या के निस्तारण का अस्थायी निदान कर दिया गया है। पिटकुल के सामने से गुजरने वाले नाले को टर्नर रोड के नाले से जोड़ दिया गया है, इससे बरसाती पानी इस नाले मेें आ जाएगा।
रविवार दोपहर से दोनों नालों को आपस में जोड़ने का काम शुरू किया गया, जो देर रात को पूरा हो गया। सोमवार को बरसात होने पर लोनिवि का प्रयास रंग लाया और जलभराव से काफी राहत मिली। गौरतलब है कि बारिश में आईएसबीटी के आसपास सर्वाधिक जलभराव हो रहा था। पिछले साल तो मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी आईएसबीटी पर जलभराव देख हैरान रह गए थे। मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताते हुए जांच के आदेश जिलाधिकारी को दिए थे। नाले के डिजाइन पर भी सवाल उठाकर दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए कहा था।
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डीएम ने मामले की जांच की थी। इसके बाद भी एक साल गुजरने पर हालात जस के तस रहे। इस बार भी बरसात में जलभराव हुआ। अमर उजाला ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाकर सीएम के निर्देशों को याद दिलाया तो सरकारी मशीनरी हरकत में आई। विधायक धर्मपुर विनोद चमोली, विधायक उमेश शर्मा काऊ एवं डीएम सोनिका ने आईएसबीटी का निरीक्षण कर तात्कालिक व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए।
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लोनिवि की ओर से कहा गया कि जब तक पिटकुल के सामने वाला नाला चौड़ा नहीं किया जाता, समस्या का समाधान नहीं होगा, लेकिन इसमें कई अड़चनें हैं, सुझाया गया कि तात्कालिक तौर पर पिटकुल वाले नाले को सामने से गुजर रहे टर्नर रोड के चौड़े नाले से जोड़ दिया जाए तो बरसात में राहत मिल सकती है। दोनों नालों को जोड़े जाने से आईएसबीटी पर जलभराव हुआ, लेकिन कुछ ही देर में इससे राहत मिल गई।