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29 साल से नहीं हुआ वेतन का निर्धारण
Updated Thu, 26 Apr 2018 02:24 AM IST
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29 साल से नहीं हुआ वेतन का निर्धारण
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
उत्तराखंड पेयजल निगम के अधिकारियों की लापरवाही भी गजब है। हैड ड्रिलर के पद पर एक कर्मचारी से 29 साल से कार्य कराया जा रहा है और आज तक उसका वेतन निर्धारित नहीं किया गया है। अनेक बार गुहार लगाने के बावजूद अधिकारियों ने उसकी समस्या पर ध्यान नहीं दिया। इस पर त्रस्त कर्मचारी ने बुधवार से आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उसके आंदोलन को अन्य कर्मचारियों ने भी समर्थन दिया है।
निगम में कार्यरत हैड ड्रिलर आत्माराम ने बताया कि वह वर्ष 1989 से निगम में कार्यरत हैं, लेकिन 29 वर्ष से उनका वेतन निर्धारण नहीं किया गया है। अनेक बार अधिकारियों से गुहार लगा चुके हैं लेकिन उसकी समस्या पर ध्यान नहीं दिया गया। इससे उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
आत्माराम ने विभागीय अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए बुधवार से मोहनी रोड स्थित पेयजल मुख्यालय पर आमरण अनशन शुरू किया। इस संबंध में जल निगम जल संस्थान मजदूर यूनियन के जिलाध्यक्ष सत्य प्रकाश डंडरियाल ने कहा कि 26 अप्रैल तक वेतन निर्धारण नहीं किया गया तो 27 अप्रैल से आंदोलन किया जाएगा।
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इस दौरान विजेंद्र सिंह, विशेष कुमार, दलीप सिंह रावत, नंदन सिंह खत्री, हरिराम, रमेश सैनी, मदन मोहन, रमेश पंत, पवन शर्मा, दुष्यंत बडौला, गिरीश बहुगुणा, प्रीतम सिंह सदन, उदयवीर, बसंत बल्लभ, विजेंद्र राणा, पप्पूलाल, श्रीपाल, जोगेंद्र सिंह, अशोक कुमार, सुबोध चंद्र काला आदि मौजूद रहे।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
उत्तराखंड पेयजल निगम के अधिकारियों की लापरवाही भी गजब है। हैड ड्रिलर के पद पर एक कर्मचारी से 29 साल से कार्य कराया जा रहा है और आज तक उसका वेतन निर्धारित नहीं किया गया है। अनेक बार गुहार लगाने के बावजूद अधिकारियों ने उसकी समस्या पर ध्यान नहीं दिया। इस पर त्रस्त कर्मचारी ने बुधवार से आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उसके आंदोलन को अन्य कर्मचारियों ने भी समर्थन दिया है।
निगम में कार्यरत हैड ड्रिलर आत्माराम ने बताया कि वह वर्ष 1989 से निगम में कार्यरत हैं, लेकिन 29 वर्ष से उनका वेतन निर्धारण नहीं किया गया है। अनेक बार अधिकारियों से गुहार लगा चुके हैं लेकिन उसकी समस्या पर ध्यान नहीं दिया गया। इससे उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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आत्माराम ने विभागीय अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए बुधवार से मोहनी रोड स्थित पेयजल मुख्यालय पर आमरण अनशन शुरू किया। इस संबंध में जल निगम जल संस्थान मजदूर यूनियन के जिलाध्यक्ष सत्य प्रकाश डंडरियाल ने कहा कि 26 अप्रैल तक वेतन निर्धारण नहीं किया गया तो 27 अप्रैल से आंदोलन किया जाएगा।
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इस दौरान विजेंद्र सिंह, विशेष कुमार, दलीप सिंह रावत, नंदन सिंह खत्री, हरिराम, रमेश सैनी, मदन मोहन, रमेश पंत, पवन शर्मा, दुष्यंत बडौला, गिरीश बहुगुणा, प्रीतम सिंह सदन, उदयवीर, बसंत बल्लभ, विजेंद्र राणा, पप्पूलाल, श्रीपाल, जोगेंद्र सिंह, अशोक कुमार, सुबोध चंद्र काला आदि मौजूद रहे।