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परिसीमन में सामने आईं खामियां
Updated Thu, 04 Jan 2018 01:54 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून।
निगम नगर द्वारा किए गए परिसीमन में बड़े पैमाने पर खामियां सामने आईं हैं। एक वार्ड की आबादी करीब आठ हजार रखी जानी थी, लेकिन अधिकतर वार्डों की आबादी में नियमों की अनदेखी की गई है। परिसीमन के मुताबिक आबादी के हिसाब से चालंग सबसे छोटा और सहस्त्रधारा सबसे बड़ा वार्ड है। वहीं, निगम के अधिकारियों का कहना है कि वार्डों का परिसीमन विधानसभा क्षेत्र के हिसाब से किया गया है, जिसके चलते ऐसी स्थिति पैदा हुई है।
नगर निगम प्रबंधन ने बीते दिनों वार्डों का नए सिरे से परिसीमन किया गया था। जिसके बाद नगर निगम में वार्डों की संख्या 60 से बढ़कर 100 हो गई थी। परिसीमन के बाद वार्डों की आबादी में काफी परिवर्तन देखने को मिला है। चालंग सबसे छोटा वार्ड है। जिसकी आबादी 2716 है। वहीं, आबादी के हिसाब से सहस्त्रधारा सबसे बड़ा वार्ड है। इस वार्ड की आबादी 11839 है। इन दोनों की स्थिति देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि निगम द्वारा परिसीमन में कितनी लापरवाही बरती गई है। वहीं, डांडा लखौंड की आबादी 5154 है। इसके अलावा माजरा की 10219, किशन नगर 10536, द्रोणपुरी 10024, कांवली 10318, पटेलनगर पश्चिम 10313, गांधीग्राम 10596, बंजारावाला 10310 है। परिसीमन विधानसभा वार करने के चलते वार्डों की आबादी का गणित बिगड़ गया।
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भौगोलिक कारणों के चलते ऐसा किया गया है। लेकिन, अगर किसी को इस पर आपत्ति है तो वह अपनी शिकायत दर्ज कराए। जिसे दुरुस्त करने की कोशिश की जाएगी।
- विजय कुमार जोगदंडे, नगर आयुक्त
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निगम नगर द्वारा किए गए परिसीमन में बड़े पैमाने पर खामियां सामने आईं हैं। एक वार्ड की आबादी करीब आठ हजार रखी जानी थी, लेकिन अधिकतर वार्डों की आबादी में नियमों की अनदेखी की गई है। परिसीमन के मुताबिक आबादी के हिसाब से चालंग सबसे छोटा और सहस्त्रधारा सबसे बड़ा वार्ड है। वहीं, निगम के अधिकारियों का कहना है कि वार्डों का परिसीमन विधानसभा क्षेत्र के हिसाब से किया गया है, जिसके चलते ऐसी स्थिति पैदा हुई है।
नगर निगम प्रबंधन ने बीते दिनों वार्डों का नए सिरे से परिसीमन किया गया था। जिसके बाद नगर निगम में वार्डों की संख्या 60 से बढ़कर 100 हो गई थी। परिसीमन के बाद वार्डों की आबादी में काफी परिवर्तन देखने को मिला है। चालंग सबसे छोटा वार्ड है। जिसकी आबादी 2716 है। वहीं, आबादी के हिसाब से सहस्त्रधारा सबसे बड़ा वार्ड है। इस वार्ड की आबादी 11839 है। इन दोनों की स्थिति देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि निगम द्वारा परिसीमन में कितनी लापरवाही बरती गई है। वहीं, डांडा लखौंड की आबादी 5154 है। इसके अलावा माजरा की 10219, किशन नगर 10536, द्रोणपुरी 10024, कांवली 10318, पटेलनगर पश्चिम 10313, गांधीग्राम 10596, बंजारावाला 10310 है। परिसीमन विधानसभा वार करने के चलते वार्डों की आबादी का गणित बिगड़ गया।
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भौगोलिक कारणों के चलते ऐसा किया गया है। लेकिन, अगर किसी को इस पर आपत्ति है तो वह अपनी शिकायत दर्ज कराए। जिसे दुरुस्त करने की कोशिश की जाएगी।
- विजय कुमार जोगदंडे, नगर आयुक्त