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-जंगल के पेड़ों पर चल रहीं आरियां
Updated Thu, 28 Dec 2017 01:13 AM IST
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जंगल के पेड़ों पर चल रहीं आरियां
ब्यूरो/अमर उजाला/ऋषिकेश।
जंगलों की सुरक्षा जिन अधिकारियों और कर्मचारियों के भरोसे है, वे लापरवाही की नींद में हैं। नतीजतन इसका फायदा उठाकर लकड़ी तस्कर ऋषिकेश वन रेंज के जंगल से रोजाना वन संपदा को ठिकाने लगा रहे हैं।
वन विभाग की ऋषिकेश रेंज से रोजाना लकड़ी तस्कर वन संपदा नीलाम कर मुनाफा कमा रहे हैं। जंगल में दिन में लकड़ी काटकर रात में उसकी तस्करी की जा रही है। प्रगति विहार और आसपास के इलाकों के खाली प्लॉटों में लगे वन संपदा ढेर इसकी तस्दीक करते हैं। जंगल से काटी गई लकड़ी फर्नीचर की दुकानों और होटल आदि में सप्लाई की जाती है, लेकिन ऋषिकेश में चल रहे वन तस्करों के इस खेल से विभाग अनजान बना हुआ है। इसी का लाभ उठाकर लकड़ी तस्कर हरे पेड़ों पर लगातार आरियां चला रहे हैं। सूत्रों के अनुसार वन संपदा के अंधाधुंध दोहन में वनकर्मियों की मिलीभगत रहती है। इसके चलते कोई कार्रवाई नहीं होती है।
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वनकर्मी रात के वक्त वन क्षेत्र की सीमा पर लगातार गश्त करते हैं। बावजूद ऐसा हो रहा है, तो यह गंभीर मामला है। वनकर्मियों को गश्त को और ज्यादा प्रभावी करने के निर्देश दिए जाएंगे। जंगल के समीपवर्ती इलाकों में चेकिंग अभियान चलाकर इस प्रकार की गतिविधियों में संलिप्त लोगों की धरपकड़ की जाएगी।
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रेंज अधिकारी, आरपीएस नेगी
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ब्यूरो/अमर उजाला/ऋषिकेश।
जंगलों की सुरक्षा जिन अधिकारियों और कर्मचारियों के भरोसे है, वे लापरवाही की नींद में हैं। नतीजतन इसका फायदा उठाकर लकड़ी तस्कर ऋषिकेश वन रेंज के जंगल से रोजाना वन संपदा को ठिकाने लगा रहे हैं।
वन विभाग की ऋषिकेश रेंज से रोजाना लकड़ी तस्कर वन संपदा नीलाम कर मुनाफा कमा रहे हैं। जंगल में दिन में लकड़ी काटकर रात में उसकी तस्करी की जा रही है। प्रगति विहार और आसपास के इलाकों के खाली प्लॉटों में लगे वन संपदा ढेर इसकी तस्दीक करते हैं। जंगल से काटी गई लकड़ी फर्नीचर की दुकानों और होटल आदि में सप्लाई की जाती है, लेकिन ऋषिकेश में चल रहे वन तस्करों के इस खेल से विभाग अनजान बना हुआ है। इसी का लाभ उठाकर लकड़ी तस्कर हरे पेड़ों पर लगातार आरियां चला रहे हैं। सूत्रों के अनुसार वन संपदा के अंधाधुंध दोहन में वनकर्मियों की मिलीभगत रहती है। इसके चलते कोई कार्रवाई नहीं होती है।
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वनकर्मी रात के वक्त वन क्षेत्र की सीमा पर लगातार गश्त करते हैं। बावजूद ऐसा हो रहा है, तो यह गंभीर मामला है। वनकर्मियों को गश्त को और ज्यादा प्रभावी करने के निर्देश दिए जाएंगे। जंगल के समीपवर्ती इलाकों में चेकिंग अभियान चलाकर इस प्रकार की गतिविधियों में संलिप्त लोगों की धरपकड़ की जाएगी।
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रेंज अधिकारी, आरपीएस नेगी