{"_id":"5a0f43984f1c1b6a678bc5f7","slug":"91510949784-dehradun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाईकोर्ट ने शासन से तीन माह में मांगी रिपोर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाईकोर्ट ने शासन से तीन माह में मांगी रिपोर्ट
Updated Sat, 18 Nov 2017 01:46 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हाईकोर्ट ने शासन से तीन माह में मांगी रिपोर्ट
- नगर पालिका ऋषिकेश के अध्यक्ष पर वित्तीय अनियमितता का आरोप
- याचिकाकर्ता ने कहा, सरकार नहीं ले रही अध्यक्ष के खिलाफ एक्शन
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून।
नगर पालिका ऋषिकेश के अध्यक्ष पर वित्तीय अनियमितता के आरोप में दायर याचिका के मामले में होईकोर्ट ने शासन से कार्रवाई कर तीन माह में रिपोर्ट देने को कहा है। मामले को लेकर याचिकाकर्ता योगेश शर्मा ने शुक्रवार को प्रेस क्लब में पत्रकारवार्ता की। उन्होंने कहा कि सरकार अध्यक्ष के खिलाफ एक्शन नहीं ले रही है। जिसके कारण उन्हें याचिका दायर करनी पड़ी।
उन्होंने बताया कि 13 सभासदों ने वर्ष 2014 में नगर पालिका अध्यक्ष पर वित्तीय अनियमितता का आरोप लगाते हुए राज्यपाल से शिकायत की थी। जिस पर उन्होंने गढ़वाल आयुक्त से जांच करने को कहा। आरोप है कि नौ बिंदुओं में से हुई जांच में से सात पर दोष सही पाया गया। लेकिन, सरकार द्वारा मामले में कोई एक्शन न लेने पर कोर्ट की शरण ली गई। इसी कड़ी में हाईकोर्ट ने बीते तीन नवंबर को मामले में शासन को तीन माह के भीतर कार्रवाई कर अवगत कराने को कहा है। प्रेसवार्ता में हरीश तिवाड़ी, मनीष शर्मा आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
- नगर पालिका ऋषिकेश के अध्यक्ष पर वित्तीय अनियमितता का आरोप
- याचिकाकर्ता ने कहा, सरकार नहीं ले रही अध्यक्ष के खिलाफ एक्शन
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून।
नगर पालिका ऋषिकेश के अध्यक्ष पर वित्तीय अनियमितता के आरोप में दायर याचिका के मामले में होईकोर्ट ने शासन से कार्रवाई कर तीन माह में रिपोर्ट देने को कहा है। मामले को लेकर याचिकाकर्ता योगेश शर्मा ने शुक्रवार को प्रेस क्लब में पत्रकारवार्ता की। उन्होंने कहा कि सरकार अध्यक्ष के खिलाफ एक्शन नहीं ले रही है। जिसके कारण उन्हें याचिका दायर करनी पड़ी।
उन्होंने बताया कि 13 सभासदों ने वर्ष 2014 में नगर पालिका अध्यक्ष पर वित्तीय अनियमितता का आरोप लगाते हुए राज्यपाल से शिकायत की थी। जिस पर उन्होंने गढ़वाल आयुक्त से जांच करने को कहा। आरोप है कि नौ बिंदुओं में से हुई जांच में से सात पर दोष सही पाया गया। लेकिन, सरकार द्वारा मामले में कोई एक्शन न लेने पर कोर्ट की शरण ली गई। इसी कड़ी में हाईकोर्ट ने बीते तीन नवंबर को मामले में शासन को तीन माह के भीतर कार्रवाई कर अवगत कराने को कहा है। प्रेसवार्ता में हरीश तिवाड़ी, मनीष शर्मा आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन