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स्वैच्छिक चकबंदी को आगे आए 40 परिवार
Updated Mon, 12 Jun 2017 10:27 PM IST
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कंडीसौड़ (टिहरी)। स्वैच्छिक चकबंदी करने को बगोड़ी गांव के 40 परिवार आगे आए हैं। गांव में चकबंदी लागू करने को स्थानीय लोगों की ओर से सरकार को प्रस्ताव दिया गया है। कहा चकबंदी लागू होने से उनके खेतों तक जंगली जानवर नहीं पहुंच पाएंगे। गांव से बढ़ रहा पलायन भी थमेगा।
थौलधार ब्लॉक के बगोड़ी गांव में बड़ी मात्रा में मटर, गोभी, मूली की खेती की जाती है। इसके अलावा बगोड़ी गांव में पर्याप्त मात्रा में गेहूं और धान की पैदावार भी होती है, लेकिन जंगली सुअर किसानों की मेहनत पर पानी फेर देते हैं। इस समस्या से परेशान होकर वर्तमान समय में गांव में रहने वाले 40 परिवारों की ओर से सरकार को स्वैच्छिक चकबंदी करने का प्रस्ताव दिया गया है। काश्तकार लाखीराम उनियाल की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में वक्ताओं ने कहा कि उनके गांव में 200 नाली से अधिक भूमि इधर-उधर बिखरी पड़ी हुई है। इस पर वे काश्तकारी करते हैं, लेकिन जंगली जानवर रात को खेतों में पहुंचकर सब्जी और फसलों को रौंदकर नष्ट कर देते हैं, इसलिए वे चाहते हैं कि शासन स्तर से बगोड़ी गांव में चकबंदी लागू की जाए।
कहा कि खेती से हो रहे नुकसान को देखते हुए गांव में रहने वाले 15 परिवार पहले ही अन्यंत्र पलायन कर चुके हैं। यदि सरकार गांव में चकबंदी लागू कर खेती की सुरक्षा के लिए तारबाड़ कर दे तो गांव के सभी परिवार खेती कर आर्थिक रूप से मजबूत हो सकते हैं। चकबंदी लागू करने की मांग को लेकर स्थानीय ग्रामीणों की ओर से कृषि मंत्री सुबोध उनियाल को प्रस्ताव सौंपा गया। बैठक में ऋषिराम जोशी, जीतराम जोशी, किशोर लाल, सुलोचना जोशी, भगवती प्रसाद, मनोहर लाल आदि उपस्थित रहे।
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थौलधार ब्लॉक के बगोड़ी गांव में बड़ी मात्रा में मटर, गोभी, मूली की खेती की जाती है। इसके अलावा बगोड़ी गांव में पर्याप्त मात्रा में गेहूं और धान की पैदावार भी होती है, लेकिन जंगली सुअर किसानों की मेहनत पर पानी फेर देते हैं। इस समस्या से परेशान होकर वर्तमान समय में गांव में रहने वाले 40 परिवारों की ओर से सरकार को स्वैच्छिक चकबंदी करने का प्रस्ताव दिया गया है। काश्तकार लाखीराम उनियाल की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में वक्ताओं ने कहा कि उनके गांव में 200 नाली से अधिक भूमि इधर-उधर बिखरी पड़ी हुई है। इस पर वे काश्तकारी करते हैं, लेकिन जंगली जानवर रात को खेतों में पहुंचकर सब्जी और फसलों को रौंदकर नष्ट कर देते हैं, इसलिए वे चाहते हैं कि शासन स्तर से बगोड़ी गांव में चकबंदी लागू की जाए।
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कहा कि खेती से हो रहे नुकसान को देखते हुए गांव में रहने वाले 15 परिवार पहले ही अन्यंत्र पलायन कर चुके हैं। यदि सरकार गांव में चकबंदी लागू कर खेती की सुरक्षा के लिए तारबाड़ कर दे तो गांव के सभी परिवार खेती कर आर्थिक रूप से मजबूत हो सकते हैं। चकबंदी लागू करने की मांग को लेकर स्थानीय ग्रामीणों की ओर से कृषि मंत्री सुबोध उनियाल को प्रस्ताव सौंपा गया। बैठक में ऋषिराम जोशी, जीतराम जोशी, किशोर लाल, सुलोचना जोशी, भगवती प्रसाद, मनोहर लाल आदि उपस्थित रहे।
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