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ऊर्जा सचिव ने व्यासी जलविद्युत परियोजना का किया निरीक्षण
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
ऊर्जा सचिव राधिका झा ने मंगलवार को यूजेवीएनएल के निदेशकों के साथ व्यासी जलविद्युत परियोजना का निरीक्षण किया। इस दौरान ऊर्जा सचिव राधिका झा ने विद्युत गृह, सुरंग, डाइवर्जन, समेत अन्य निर्माण कार्यों को देखा और समय रहते पूरा करने की हिदायत दी। निरीक्षण के बाद ऊर्जा सचिव ने परियोजना परिसर में बैठक कर कई प्रस्तावों को मंजूरी दी।
ऊर्जा सचिव राधिका झा ने कहा कि व्यासी जलविद्युत मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाली योजनाओं में से एक है। ऐसे में योजना समयबद्ध तरीके से पूरी गुणवत्ता के साथ पूरी की जाए। इसके अलावा राज्य की अन्य निर्माणाधीन जलविद्युत परियोजनाएं समय रहते पूरी की जाएं। जिन परियोजनाओं की सुप्रीमकोर्ट व एनजीटी में सुनवायी चल रही है उनकी अदालतों में ठोस पैरवी की जाए। यूजेवीएनएल प्रबंध निदेशक एसएन वर्मा ने कहा कि व्यासी जलविद्युत परियोजना पूरी होने से 120 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा। एक हजार करोड़ की इस महत्वाकांक्षी परियोजना को दिसंबर 2019 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। बैठक में निदेशक वित्त एलएम पंत, निदेशक मानव संसाधन डॉ. एसी जोशी, निदेशक परिचालन पुरुषोत्तम सिंह, एमडी एसएन वर्मा, निदेशक जेएल बजाज, सीएम वासुदेव, बीपी पांडे, राजकुमार, एलएम वर्मा, राजीव अग्रवाल, सुरेंद्र कुमार, पंकज कुमार आदि मौजूद रहे।
ऊर्जा सचिव से मिले प्रभावित
कालसी। तीन सौ मेगावाट बहुउद्देशीय लखवाड़ बांध विकास समिति ने ऊर्जा सचिव से मिलकर अधिग्रहीत भूमि के मुआवजे की मांग की। प्रभावितों ने कहा कि लखवाड़ बांध परियोजना के लिए देहरादून जिले के 12 एवं टिहरी जिले के 17 गांवों के ग्रामीणों की लगभग 105 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया गया था, लेकिन इस भूमि पर बांध निर्माण कार्य नहीं हुआ। इससे प्रभावितों को रोजगार एवं अन्य लाभों से वंचित किया गया। ज्ञापन देने वालों में समिति के अध्यक्ष बचत सिंह पुंडीर, संदीप चौहान, जितेंद्र सिंह चौहान, अनिल पंवार, आनंद सिंह, रणवीर सिंह, बलवीर सिंह चौहान, चतर सिंह चौहान, नरेश आदि शामिल रहे।
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ऊर्जा सचिव राधिका झा ने मंगलवार को यूजेवीएनएल के निदेशकों के साथ व्यासी जलविद्युत परियोजना का निरीक्षण किया। इस दौरान ऊर्जा सचिव राधिका झा ने विद्युत गृह, सुरंग, डाइवर्जन, समेत अन्य निर्माण कार्यों को देखा और समय रहते पूरा करने की हिदायत दी। निरीक्षण के बाद ऊर्जा सचिव ने परियोजना परिसर में बैठक कर कई प्रस्तावों को मंजूरी दी।
ऊर्जा सचिव राधिका झा ने कहा कि व्यासी जलविद्युत मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाली योजनाओं में से एक है। ऐसे में योजना समयबद्ध तरीके से पूरी गुणवत्ता के साथ पूरी की जाए। इसके अलावा राज्य की अन्य निर्माणाधीन जलविद्युत परियोजनाएं समय रहते पूरी की जाएं। जिन परियोजनाओं की सुप्रीमकोर्ट व एनजीटी में सुनवायी चल रही है उनकी अदालतों में ठोस पैरवी की जाए। यूजेवीएनएल प्रबंध निदेशक एसएन वर्मा ने कहा कि व्यासी जलविद्युत परियोजना पूरी होने से 120 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा। एक हजार करोड़ की इस महत्वाकांक्षी परियोजना को दिसंबर 2019 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। बैठक में निदेशक वित्त एलएम पंत, निदेशक मानव संसाधन डॉ. एसी जोशी, निदेशक परिचालन पुरुषोत्तम सिंह, एमडी एसएन वर्मा, निदेशक जेएल बजाज, सीएम वासुदेव, बीपी पांडे, राजकुमार, एलएम वर्मा, राजीव अग्रवाल, सुरेंद्र कुमार, पंकज कुमार आदि मौजूद रहे।
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ऊर्जा सचिव से मिले प्रभावित
कालसी। तीन सौ मेगावाट बहुउद्देशीय लखवाड़ बांध विकास समिति ने ऊर्जा सचिव से मिलकर अधिग्रहीत भूमि के मुआवजे की मांग की। प्रभावितों ने कहा कि लखवाड़ बांध परियोजना के लिए देहरादून जिले के 12 एवं टिहरी जिले के 17 गांवों के ग्रामीणों की लगभग 105 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया गया था, लेकिन इस भूमि पर बांध निर्माण कार्य नहीं हुआ। इससे प्रभावितों को रोजगार एवं अन्य लाभों से वंचित किया गया। ज्ञापन देने वालों में समिति के अध्यक्ष बचत सिंह पुंडीर, संदीप चौहान, जितेंद्र सिंह चौहान, अनिल पंवार, आनंद सिंह, रणवीर सिंह, बलवीर सिंह चौहान, चतर सिंह चौहान, नरेश आदि शामिल रहे।
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