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होटलों, आश्रमों व धर्मशाला संचालकोें से जुर्माना वसूलने में फंसा पेंच
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
शासन से आदेश जारी होने के बावजूद गंगा व उसकी सहायक नदियों में बगैर ट्रीटमेंट के सीवरेज डालने वाले होटलों, धर्मशालाओं व आश्रमों से जुर्माना नहीं वसूला जा सका है। दरअसल अधिकारियों को समझ नहीं आ रहा कि जुर्माना किस तारीख से और कैसे वसूला जाए। वहीं राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव एसपी सुबुद्धि ने जल्द ही बैठक कर जुर्माना वसूलने की रणनीति तय करने की बात कही है।
बता दें, बीते दिनों अपर मुख्य सचिव वन की ओर से राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का आदेश जारी किया गया था कि गंगा व उसकी सहायक नदियों में सीधे सीवरेज डालने वाले होटलों, धर्मशालाओं व आश्रमों से प्र्रतिदिन 5000 रुपये की दर से जुर्माना वसूला जाए। अब बोर्ड अधिकारियों के सामने मुसीबत यह है कि जुर्माना आखिरकार किस तारीख से और कब तक वसूला जाए। यदि जुर्माना होटल व धर्मशाला के निर्माण की तिथि से वसूला जाए तो जुर्माना राशि लाखों और करोड़ाें में हो सकती है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि होटल व धर्मशाला की जांच कर उसे नोटिस जारी कर दिया जाए और सीवरेज ट्रीटमेंट की व्यवस्था न करने तक 5000 रुपये प्रतिदिन की दर से जुर्माना वसूला जाए। ऐसे में होटल व धर्मशाला संचालक तत्काल सीवरेज ट्रीटमेंट की व्यवस्था करेंगे। वहीं राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सचिव एसपी सुबुद्धि का कहना है कि जल्द ही बोर्ड अफसरों की बैठक बुलाकर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। शासनादेश के मुताबिक जुर्माना वसूलने की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी।
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शासन से आदेश जारी होने के बावजूद गंगा व उसकी सहायक नदियों में बगैर ट्रीटमेंट के सीवरेज डालने वाले होटलों, धर्मशालाओं व आश्रमों से जुर्माना नहीं वसूला जा सका है। दरअसल अधिकारियों को समझ नहीं आ रहा कि जुर्माना किस तारीख से और कैसे वसूला जाए। वहीं राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव एसपी सुबुद्धि ने जल्द ही बैठक कर जुर्माना वसूलने की रणनीति तय करने की बात कही है।
बता दें, बीते दिनों अपर मुख्य सचिव वन की ओर से राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का आदेश जारी किया गया था कि गंगा व उसकी सहायक नदियों में सीधे सीवरेज डालने वाले होटलों, धर्मशालाओं व आश्रमों से प्र्रतिदिन 5000 रुपये की दर से जुर्माना वसूला जाए। अब बोर्ड अधिकारियों के सामने मुसीबत यह है कि जुर्माना आखिरकार किस तारीख से और कब तक वसूला जाए। यदि जुर्माना होटल व धर्मशाला के निर्माण की तिथि से वसूला जाए तो जुर्माना राशि लाखों और करोड़ाें में हो सकती है।
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प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि होटल व धर्मशाला की जांच कर उसे नोटिस जारी कर दिया जाए और सीवरेज ट्रीटमेंट की व्यवस्था न करने तक 5000 रुपये प्रतिदिन की दर से जुर्माना वसूला जाए। ऐसे में होटल व धर्मशाला संचालक तत्काल सीवरेज ट्रीटमेंट की व्यवस्था करेंगे। वहीं राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सचिव एसपी सुबुद्धि का कहना है कि जल्द ही बोर्ड अफसरों की बैठक बुलाकर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। शासनादेश के मुताबिक जुर्माना वसूलने की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी।
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