{"_id":"59567c614f1c1b414d8b479a","slug":"71498840161-dehradun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"रेल लाइन से प्रभावित होंगे 836 परिवार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रेल लाइन से प्रभावित होंगे 836 परिवार
Updated Fri, 30 Jun 2017 09:59 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
कर्णप्रयाग। कर्णप्रयाग और जिलासू तहसील से गुजरने वाले ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन से 836 परिवार प्रभावित होंगे। तहसील प्रशासन इन दिनों रेल लाइन से होने वाले प्रभावित, अधिग्रहीत होने वाली भूमि सहित अन्य प्रकरणों के निस्तारण में जुटा है। माना जा रहा है कि जनसुनवाई पूरी होने के बाद जल्द भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई शुरू हो सकती है।
प्रस्तावित ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन का अंतिम स्टेशन सिवाई है, जबकि अंतिम से ठीक पहले गौचर नगर के भटनगर में भी स्टेशन है। भटनगर से सिवाई तक रेल लाइन से चार गांवों के करीब 836 परिवार प्रभावितों की सूची में हैं। इन परिवारों की गोशालाएं, खेती सहित अन्य प्रकार की भूमि रेल परियोजना में अधिग्रहीत होने से प्रभावितों की सूची में है, जबकि भटनगर, रानों, सिवाई और लंगाली में करीब 73 मकान पूर्ण रूप से रेल लाइन की जद में आएंगे। कर्णप्रयाग और जिलासू तहसील के प्रभावित गांवों में भूमि अधिग्रहण का काम देख रहे एसडीएम केएन गोस्वामी का कहना है कि भूमि अर्जन, पुनर्वास और पुर्नव्यस्थापन उचित प्रतिकर का अधिकार अधिनियम 2013 के तहत सभी प्रभावितों को मुआवजे का वितरण किया जाएगा।
प्रस्तावित ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन का अंतिम स्टेशन सिवाई है, जबकि अंतिम से ठीक पहले गौचर नगर के भटनगर में भी स्टेशन है। भटनगर से सिवाई तक रेल लाइन से चार गांवों के करीब 836 परिवार प्रभावितों की सूची में हैं। इन परिवारों की गोशालाएं, खेती सहित अन्य प्रकार की भूमि रेल परियोजना में अधिग्रहीत होने से प्रभावितों की सूची में है, जबकि भटनगर, रानों, सिवाई और लंगाली में करीब 73 मकान पूर्ण रूप से रेल लाइन की जद में आएंगे। कर्णप्रयाग और जिलासू तहसील के प्रभावित गांवों में भूमि अधिग्रहण का काम देख रहे एसडीएम केएन गोस्वामी का कहना है कि भूमि अर्जन, पुनर्वास और पुर्नव्यस्थापन उचित प्रतिकर का अधिकार अधिनियम 2013 के तहत सभी प्रभावितों को मुआवजे का वितरण किया जाएगा।
विज्ञापन