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पहाड़ियों से गिर रहे पत् थर, हेलमेट पहनकर चलें
Updated Thu, 29 Jun 2017 10:31 PM IST
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कोटद्वार। कोटद्वार-पौड़ी राजमार्ग पर बरसात के दौरान हेलमेट पहनकर नहीं जाना खतरे से हाली नहीं है। मार्ग पर पहाड़ी से इन दिनों पत्थर गिर रहे हैं। ऐसे में अगर हेलमेट नहीं पहना है तो जान खतरे में पड़ सकती है।
कोटद्वार-पौड़ी हाईवे से लगी पहाड़ी पर इन दिनों लगातार हो रही बारिश के चलते पत्थर गिर रहे हैं, लेकिन पुलिस की हिदायत के बाद भी लोग पहाड़ी रास्तों पर बिना हेलमेट के सफर कर रहे हैं। कोटद्वार के राजकीय संयुक्त चिकित्सालय के सड़क हादसों के आंकड़ों पर नजर डालें तो महीने में कम से कम 40-50 दोपहिया चालक हेलमेट न पहनने के कारण हादसों का शिकार होते हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग की ओर से भी कई खतरनाक स्थानों पर पहाड़ियों से पत्थर गिरने से खतरे के सूचना बोर्ड भी लगाए हैं, लेकिन लोग इन चेतावनियों की भी अनदेखी कर जान जोखिम में डाल रहे हैं।
कोटद्वार-पौड़ी हाइर्व पर यहां हैं डेंजर जोन
कोटद्वार से दुगड्डा के बीच सिद्धबली बैरियर के सौ मीटर आगे से लालपुल तक लगातार पत्थर गिरते हैं। इसके अलावा चौथे और पांचवें मील, आमसौड़ से पहले दो सौ मीटर क्षेत्र में, दुर्गा देवी से ऐता बैंड तक पहाड़ियों से लगातार पत्थरों की बरसात हो रही है। दुगड्डा से गुमखाल तक खड़ी चट्टानों से बारिश के दौरान हर वक्त पत्थरों के गिरने का खतरा बना रहता है।
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क्या कहते हैं अधिकारी
हादसों को रोका तो नहीं जा सकता, लेकिन बचाव से इन्हें कम जरूर किया जा सकता है। राष्ट्रीय राजमार्ग पर इसके तिए पुलिस लगातार चेकिंग अभियान भी चलाती है। लोगों को सुरक्षा के लिए हेलमेट पहनना चाहिए। पुलिस भी इसी इरादे से हेलमेट की अनिवार्यता पर जोर दे रही है।
-जेआर जोशी, सीओ कोटद्वार
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कोटद्वार-पौड़ी हाईवे से लगी पहाड़ी पर इन दिनों लगातार हो रही बारिश के चलते पत्थर गिर रहे हैं, लेकिन पुलिस की हिदायत के बाद भी लोग पहाड़ी रास्तों पर बिना हेलमेट के सफर कर रहे हैं। कोटद्वार के राजकीय संयुक्त चिकित्सालय के सड़क हादसों के आंकड़ों पर नजर डालें तो महीने में कम से कम 40-50 दोपहिया चालक हेलमेट न पहनने के कारण हादसों का शिकार होते हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग की ओर से भी कई खतरनाक स्थानों पर पहाड़ियों से पत्थर गिरने से खतरे के सूचना बोर्ड भी लगाए हैं, लेकिन लोग इन चेतावनियों की भी अनदेखी कर जान जोखिम में डाल रहे हैं।
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कोटद्वार-पौड़ी हाइर्व पर यहां हैं डेंजर जोन
कोटद्वार से दुगड्डा के बीच सिद्धबली बैरियर के सौ मीटर आगे से लालपुल तक लगातार पत्थर गिरते हैं। इसके अलावा चौथे और पांचवें मील, आमसौड़ से पहले दो सौ मीटर क्षेत्र में, दुर्गा देवी से ऐता बैंड तक पहाड़ियों से लगातार पत्थरों की बरसात हो रही है। दुगड्डा से गुमखाल तक खड़ी चट्टानों से बारिश के दौरान हर वक्त पत्थरों के गिरने का खतरा बना रहता है।
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क्या कहते हैं अधिकारी
हादसों को रोका तो नहीं जा सकता, लेकिन बचाव से इन्हें कम जरूर किया जा सकता है। राष्ट्रीय राजमार्ग पर इसके तिए पुलिस लगातार चेकिंग अभियान भी चलाती है। लोगों को सुरक्षा के लिए हेलमेट पहनना चाहिए। पुलिस भी इसी इरादे से हेलमेट की अनिवार्यता पर जोर दे रही है।
-जेआर जोशी, सीओ कोटद्वार