{"_id":"595138464f1c1b935f8b45cb","slug":"71498495046-dehradun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ईदगाहों में दुआ को उठे हजारों हाथ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ईदगाहों में दुआ को उठे हजारों हाथ
Updated Mon, 26 Jun 2017 10:07 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रुड़की।
शहर की मुख्य ईदगाह समेत विभिन्न मस्जिदों में सोमवार सुबह ईद की नमाज अदा की गई। इससे पहले बारिश की रिमझिम फुहारों के बीच भी लोगों का उत्साह कम नहीं हुआ। बड़ी संख्या में भीगते हुए लोग मस्जिदों और ईदगाह में पहुंचे। शहर के अलावा दूर दराज से भी बड़ी संख्या में अकीदतमंद ईदगाह पहुंचे। शहर की विभिन्न मस्जिदों में भी अकीदतमंदों ने दो रकआत नमाज-ए-ईदुल फितर अदा की। साथ ही अमन चैन और तरक्की के लिए अल्लाह-ताला से दुआ मांगी।
ईद को लेकर सोमवार सुबह से लोगों में उत्साह रहा। बच्चे, बूढ़े और महिलाएं सभी एक-दूसरे को मुबारकबाद देने में मशगूल रहे। रुड़की मुख्य ईदगाह में सुबह पौने नौ बजे से ईद की नमाज थी, लेकिन आठ बजे के पहले से ईदगाह में अकीदतमंदों का जत्था पहुंचने लगा था। एक ओर जहां से शहर और आसपास से लोग पैदल नमाज के लिए ईदगाह पहुंचे। दूसरी ओर दूरदराज से लोग ट्रकों और ट्रैक्टर ट्राली में भी नमाज अदा करने ईदगाह पहुंचे। हाथ में चटाई और चादरें लिए ईदगाह पहुंच रहे लोगों का उत्साह देखते ही बनता था। पौने नौ बजे के पहले ईदगाहों में हजारों अकीदतमंदों का सैलाब उमड़ पड़ा। रुड़की ईदगाह में मुफ्ती सलीम ने ईदगाह की नमाज अदा कराई। वहीं रुड़की स्थित जामा मस्जिद में मौलाना अरशद ने ईद की नमाज अदा कराई। तकरीर में उन्होंने कहा कि माह-ए-रमजान में जिस तरह हम लोगों ने नेकी और ईमानदारी से रोजे रखे, उसी तरह साल भर बुराई और गलत कामों से दूर रहना चाहिए। उन्होंने अकीदतमंदों को रोजे के फायदे भी बताए। इसके अलावा रामपुर चुंगी स्थित मस्जिद-ए-हव्वा, मरकजवाली मस्जिद बिलाल, बंधा रोड स्थित उमर बिन खत्ताब सहित अन्य मस्जिद में भी अकीदतमंदों ने दो रकआत नमाज-ए-ईदुल फितर अदा की।
विज्ञापन
शहर की मुख्य ईदगाह समेत विभिन्न मस्जिदों में सोमवार सुबह ईद की नमाज अदा की गई। इससे पहले बारिश की रिमझिम फुहारों के बीच भी लोगों का उत्साह कम नहीं हुआ। बड़ी संख्या में भीगते हुए लोग मस्जिदों और ईदगाह में पहुंचे। शहर के अलावा दूर दराज से भी बड़ी संख्या में अकीदतमंद ईदगाह पहुंचे। शहर की विभिन्न मस्जिदों में भी अकीदतमंदों ने दो रकआत नमाज-ए-ईदुल फितर अदा की। साथ ही अमन चैन और तरक्की के लिए अल्लाह-ताला से दुआ मांगी।
ईद को लेकर सोमवार सुबह से लोगों में उत्साह रहा। बच्चे, बूढ़े और महिलाएं सभी एक-दूसरे को मुबारकबाद देने में मशगूल रहे। रुड़की मुख्य ईदगाह में सुबह पौने नौ बजे से ईद की नमाज थी, लेकिन आठ बजे के पहले से ईदगाह में अकीदतमंदों का जत्था पहुंचने लगा था। एक ओर जहां से शहर और आसपास से लोग पैदल नमाज के लिए ईदगाह पहुंचे। दूसरी ओर दूरदराज से लोग ट्रकों और ट्रैक्टर ट्राली में भी नमाज अदा करने ईदगाह पहुंचे। हाथ में चटाई और चादरें लिए ईदगाह पहुंच रहे लोगों का उत्साह देखते ही बनता था। पौने नौ बजे के पहले ईदगाहों में हजारों अकीदतमंदों का सैलाब उमड़ पड़ा। रुड़की ईदगाह में मुफ्ती सलीम ने ईदगाह की नमाज अदा कराई। वहीं रुड़की स्थित जामा मस्जिद में मौलाना अरशद ने ईद की नमाज अदा कराई। तकरीर में उन्होंने कहा कि माह-ए-रमजान में जिस तरह हम लोगों ने नेकी और ईमानदारी से रोजे रखे, उसी तरह साल भर बुराई और गलत कामों से दूर रहना चाहिए। उन्होंने अकीदतमंदों को रोजे के फायदे भी बताए। इसके अलावा रामपुर चुंगी स्थित मस्जिद-ए-हव्वा, मरकजवाली मस्जिद बिलाल, बंधा रोड स्थित उमर बिन खत्ताब सहित अन्य मस्जिद में भी अकीदतमंदों ने दो रकआत नमाज-ए-ईदुल फितर अदा की।
विज्ञापन