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डीएनए जांच रिपोर्ट की वैधता पर उठाए सवाल
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डीएनए जांच रिपोर्ट की वैधता पर उठाए सवाल
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। दून महिला अस्पताल में बच्चा बदलने के मामले में शनिवार को रिपोर्ट परिजनों को सौंप दी गई है। वहीं जिसके पास बेटी है उस व्यक्ति ने रिपोर्ट की वैधता पर सवाल उठाते हुए उसे मानने से इंकार किया है। उनका आरोप है कि अस्पताल ने उन्हें असली रिपोर्ट के बजाय फोटोकॉपी दी है, जोकि बदली भी जा सकती है। उन्होंने कहा कि वह दोबारा डीएनए जांच कराएंगे।
उल्लेखनीय है कि दून महिला अस्पताल में पांच मार्च को दून महिला अस्पताल में बच्चा बदलने को लेकर परिजनों ने हंगामा किया था। इस मामले में बृहस्पतिवार को आई डीएनए रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि डोभालवाला निवासी उमेश शाह पत्नी आरती ने ही बच्ची को जन्म दिया था। शुक्रवार को उमेश ने डीएनए रिपोर्ट पर विश्वास करने से मना कर दिया था। शनिवार को बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी दून महिला अस्पताल पहुंचीं। उन्होंने मौके पर परिजनों को बुलाया। इस दौरान उन्होंने परिजनों को डीएनए जांच रिपोर्ट की प्रति सौंपी। उमेश का कहना है कि जब रिपोर्ट सच्ची है तो उन्हें असली कॉपी क्यों नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि बेटा उनका ही है। इसके लिए वह दोबारा डीएनए जांच कराएंगे। इसके लिए उन्हें चाहे कहीं भी जाना पड़े।
उधर आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी का कहना है कि हमने परिजनों को जांच रिपोर्ट सौंप दी है। जांच रिपोर्ट पूरी तरह वैध है।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। दून महिला अस्पताल में बच्चा बदलने के मामले में शनिवार को रिपोर्ट परिजनों को सौंप दी गई है। वहीं जिसके पास बेटी है उस व्यक्ति ने रिपोर्ट की वैधता पर सवाल उठाते हुए उसे मानने से इंकार किया है। उनका आरोप है कि अस्पताल ने उन्हें असली रिपोर्ट के बजाय फोटोकॉपी दी है, जोकि बदली भी जा सकती है। उन्होंने कहा कि वह दोबारा डीएनए जांच कराएंगे।
उल्लेखनीय है कि दून महिला अस्पताल में पांच मार्च को दून महिला अस्पताल में बच्चा बदलने को लेकर परिजनों ने हंगामा किया था। इस मामले में बृहस्पतिवार को आई डीएनए रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि डोभालवाला निवासी उमेश शाह पत्नी आरती ने ही बच्ची को जन्म दिया था। शुक्रवार को उमेश ने डीएनए रिपोर्ट पर विश्वास करने से मना कर दिया था। शनिवार को बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी दून महिला अस्पताल पहुंचीं। उन्होंने मौके पर परिजनों को बुलाया। इस दौरान उन्होंने परिजनों को डीएनए जांच रिपोर्ट की प्रति सौंपी। उमेश का कहना है कि जब रिपोर्ट सच्ची है तो उन्हें असली कॉपी क्यों नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि बेटा उनका ही है। इसके लिए वह दोबारा डीएनए जांच कराएंगे। इसके लिए उन्हें चाहे कहीं भी जाना पड़े।
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उधर आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी का कहना है कि हमने परिजनों को जांच रिपोर्ट सौंप दी है। जांच रिपोर्ट पूरी तरह वैध है।