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प्रदेश के लिए- अभी इंटरनेट पर न चलाएं- सीबीएसई के अधीन होंगे सूबे के 2300
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ब्यूरो/अमर उजाला।
देहरादून। उत्तराखंड बोर्ड के सभी सरकारी हाईस्कूल और इंटर कॉलेज (करीब 2300) जल्द सीबीएसई (सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजूकेशन) के अधीन हो सकते हैं। प्रदेश सरकार और सीबीएसई के बीच इस संबंध में बातचीत शुरू हो गई है। यदि ऐसा हुआ तो उत्तराखंड बोर्ड पूरी तरह समाप्त हो जाएगा। हालांकि इस योजना को अमली जामा पहनाने से पहले सरकार सभी तकनीकी पहलू देख रही है।
सूत्रों के मुताबिक, शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय और सीबीएसई के अधिकारियों के बीच हाल ही में वार्ता हुई है। इसमें मंत्री ने कुमाऊं क्षेत्र में सीबीएसई का क्षेत्रीय कार्यालय खोलने का भी प्रस्ताव रखा है। वहीं, उन्होंने प्रदेश के सभी हाईस्कूल और इंटर कॉलेजों को सीबीएसई के अधीन करने पर भी चर्चा की। ऐसा हुआ तो प्रदेश के करीब 2300 हाईस्कूल व इंटर कॉलेज, उत्तराखंड बोर्ड से हटकर सीबीएसई से मान्य हो जाएंगे। इन सभी कॉलेजों में फिर सीबीएसई के नियम ही लागू होंगे। माना जा रहा है कि यदि यह सभी हाईस्कूल और इंटर कॉलेज सीबीएसई के अधीन हो गए तो प्रदेश के दुर्गम इलाकों तक के छात्रों की प्रतियोगी परीक्षाओं तक पहुंचने की राह आसान हो जाएगी।
अगर यह विद्यालय सीबीएसई के अधीन आए तो देहरादून क्षेत्रीय कार्यालय का भार बढ़ जाएगा। ऐसे में कुमाऊं क्षेत्र में एक और क्षेत्रीय कार्यालय खोलने की संभावनाएं बढ़ जाएगी। गौरतलब है कि दिल्ली और छत्तीसगढ़ में पहले से सभी सरकारी हाईस्कूल और इंटर कॉलेज, सीबीएसई से मान्यता प्राप्त हैं। इन राज्यों में स्टेट का कोई बोर्ड नहीं है।
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देहरादून। उत्तराखंड बोर्ड के सभी सरकारी हाईस्कूल और इंटर कॉलेज (करीब 2300) जल्द सीबीएसई (सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजूकेशन) के अधीन हो सकते हैं। प्रदेश सरकार और सीबीएसई के बीच इस संबंध में बातचीत शुरू हो गई है। यदि ऐसा हुआ तो उत्तराखंड बोर्ड पूरी तरह समाप्त हो जाएगा। हालांकि इस योजना को अमली जामा पहनाने से पहले सरकार सभी तकनीकी पहलू देख रही है।
सूत्रों के मुताबिक, शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय और सीबीएसई के अधिकारियों के बीच हाल ही में वार्ता हुई है। इसमें मंत्री ने कुमाऊं क्षेत्र में सीबीएसई का क्षेत्रीय कार्यालय खोलने का भी प्रस्ताव रखा है। वहीं, उन्होंने प्रदेश के सभी हाईस्कूल और इंटर कॉलेजों को सीबीएसई के अधीन करने पर भी चर्चा की। ऐसा हुआ तो प्रदेश के करीब 2300 हाईस्कूल व इंटर कॉलेज, उत्तराखंड बोर्ड से हटकर सीबीएसई से मान्य हो जाएंगे। इन सभी कॉलेजों में फिर सीबीएसई के नियम ही लागू होंगे। माना जा रहा है कि यदि यह सभी हाईस्कूल और इंटर कॉलेज सीबीएसई के अधीन हो गए तो प्रदेश के दुर्गम इलाकों तक के छात्रों की प्रतियोगी परीक्षाओं तक पहुंचने की राह आसान हो जाएगी।
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अगर यह विद्यालय सीबीएसई के अधीन आए तो देहरादून क्षेत्रीय कार्यालय का भार बढ़ जाएगा। ऐसे में कुमाऊं क्षेत्र में एक और क्षेत्रीय कार्यालय खोलने की संभावनाएं बढ़ जाएगी। गौरतलब है कि दिल्ली और छत्तीसगढ़ में पहले से सभी सरकारी हाईस्कूल और इंटर कॉलेज, सीबीएसई से मान्यता प्राप्त हैं। इन राज्यों में स्टेट का कोई बोर्ड नहीं है।
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