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केंद्र सरकार की टीम ने जिले के कई गांव का किया भ्रमण
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नई टिहरी। जिले के चार दिवसीय भ्रमण पर आए भारत सरकार के चतुर्थ कॉमन रिव्यू मिशन दल ने कई गांवों का भ्रमण कर संचालित योजनाओं की जानकारी ली। उन्होंने मनरेगा को आजीविका से जोड़ने पर जोर देते हुए संचालित किए जा रहे कार्यों की सराहना की।
केंद्र सरकार के चतुर्थ कॉमन रिव्यू मिशन दल के सदस्य एसके चक्रवर्ती, डा. मनोज प्रभाकर, एके राजपूत के नेतृत्व में मनरेगा, मेरा गांव मेरी सड़क समेत अन्य योजनाओं के सत्यापन के लिए 18 दिसंबर को चार दिवसीय भ्रमण पर जिला मुख्यालय पहुंचे थे। उन्होंने पहले मुख्यालय में जिले के नौ विकासखंडों में संचालित की जा रही योजनाओं की समीक्षा की। इसके बाद जौनपुर के ग्राम सत्यों, भरवाकाटल, चंबा के चोपड़ियाल गांव, पुरूषोलगांव, जाखणीधार के दपोली, देवप्रयाग के कनियाड़ी, नरेंद्रनगर के ओणी, भिन्नू भिंगार्की का भ्रमण कर योजनाओं का धरातलीय निरीक्षण किया। शुक्रवार को टीम गांव का भ्रमण का वापस लौट गई। उन्होंने मनरेगा को अजीविका संवर्द्घन से जोड़ने को किए जा रहे प्रयासों की सहराना की। मुख्य विकास अधिकारी आशीष भटगांई ने बताया कि मनरेगा से जिले में कीवी उत्पादन, आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण, सुरक्षा दीवार, डेमेस्क रोज, लेमन, केला, रोजमेरी, रेशम उत्पादन, आडू, गुलाब की खेती, बड़ी इलायची आदि का उत्पादन किया जा रहा है। टीम ने कहा कि मनरेगा को आजीविका से जोड़ने से ही 2022 तक किसानों की आय दोगुनी हो सकती है। उन्होंने ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारियों को कई सुझाव देते हुए और बेहतर करने पर जोर दिया।
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केंद्र सरकार के चतुर्थ कॉमन रिव्यू मिशन दल के सदस्य एसके चक्रवर्ती, डा. मनोज प्रभाकर, एके राजपूत के नेतृत्व में मनरेगा, मेरा गांव मेरी सड़क समेत अन्य योजनाओं के सत्यापन के लिए 18 दिसंबर को चार दिवसीय भ्रमण पर जिला मुख्यालय पहुंचे थे। उन्होंने पहले मुख्यालय में जिले के नौ विकासखंडों में संचालित की जा रही योजनाओं की समीक्षा की। इसके बाद जौनपुर के ग्राम सत्यों, भरवाकाटल, चंबा के चोपड़ियाल गांव, पुरूषोलगांव, जाखणीधार के दपोली, देवप्रयाग के कनियाड़ी, नरेंद्रनगर के ओणी, भिन्नू भिंगार्की का भ्रमण कर योजनाओं का धरातलीय निरीक्षण किया। शुक्रवार को टीम गांव का भ्रमण का वापस लौट गई। उन्होंने मनरेगा को अजीविका संवर्द्घन से जोड़ने को किए जा रहे प्रयासों की सहराना की। मुख्य विकास अधिकारी आशीष भटगांई ने बताया कि मनरेगा से जिले में कीवी उत्पादन, आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण, सुरक्षा दीवार, डेमेस्क रोज, लेमन, केला, रोजमेरी, रेशम उत्पादन, आडू, गुलाब की खेती, बड़ी इलायची आदि का उत्पादन किया जा रहा है। टीम ने कहा कि मनरेगा को आजीविका से जोड़ने से ही 2022 तक किसानों की आय दोगुनी हो सकती है। उन्होंने ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारियों को कई सुझाव देते हुए और बेहतर करने पर जोर दिया।
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